राजस्थान के करौली जिले के नादौती में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां की एसडीएम (SDM) काजल मीणा को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गुरुवार की शाम 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह घूस जमीन के बंटवारे (तकासमा) का एक फैसला सुनाने के बदले मांगी गई थी। इस काम में एसडीएम के साथ उनके दो और साथी भी शामिल थे।
उनके रीडर दिनेश सैनी और ऑफिस का क्लर्क प्रवीण धाकड़। इन तीनों को टीम ने रंगे हाथों पकड़ा। जब टीम ने ऑफिस की ठीक से तलाशी ली, तो वहां 60 हजार के अलावा 4 लाख रुपये और नकद मिले। शक है कि यह पैसा भी उसी दिन अलग-अलग लोगों से गलत तरीके से वसूला गया था। इन तीनों को आज यानी 17 अप्रैल 2026 को अदालत में पेश किया जाएगा ताकि उनसे और पूछताछ की जा सके।
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अच्छी पढ़ाई और बड़ा परिवार
काजल मीणा का पढ़ाई-लिखाई का रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है। उन्होंने देश के बड़े कॉलेज IIT मंडी से पढ़ाई की थी और वह 2021 बैच की राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की अफसर बनीं। उनके परिवार का बैकग्राउंड भी काफी अच्छा है, उनके पिता डॉ. कमरसिंह मीणा वजीरपुर के सरकारी अस्पताल के इंचार्ज हैं। वह सवाई माधोपुर जिले के बड़ौली गांव की रहने वाली हैं। एक काबिल अफसर और अच्छे परिवार से होने के बावजूद, अपनी नौकरी की दूसरी ही पोस्टिंग में उन्होंने रिश्वतखोरी का रास्ता चुन लिया।
घर के पास पोस्टिंग
एसडीएम के तौर पर काजल मीणा की यह सिर्फ दूसरी ही पोस्टिंग थी। इससे पहले वह प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा में तैनात थीं। वहां से ट्रांसफर होने के बाद उन्होंने 30 अक्टूबर 2025 को नादौती में अपना पद संभाला था। नादौती उनके अपने घर (सवाई माधोपुर) के बहुत पास था और इस इलाके में उनके काफी रिश्तेदार भी थे। इसी वजह से वह शुरू से ही चर्चा में बनी हुई थीं। कहा जा रहा है कि अपनी इसी जान-पहचान और पहुंच का फायदा उठाकर उन्होंने रिश्वत का काम शुरू कर दिया। फिलहाल, उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन अभी उनके सस्पेंशन का सरकारी आदेश आना बाकी है।
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इलाके में भ्रष्टाचार के पुराने मामले
करौली जिले में किसी बड़े अधिकारी का रिश्वत लेते पकड़ा जाना कोई नई बात नहीं है। काजल मीणा के केस से पहले, एसीबी ने एक और बड़ी कार्रवाई की थी। तब बारां जिले की अंता नगरपालिका के इंजीनियर महेंद्र सिंह जाटव को हिंडौन सिटी रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया था। उनके पास 3.70 लाख रुपये की रिश्वत का पैसा मिला था, जिसे वह वसूली करके अपने घर ले जा रहे थे।
