आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम ने सोमवार को बिहार में आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार नायक को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 2021 में आंध्र प्रदेश विधानसभा के मौजूदा उप-सभापति के रघुरामा कृष्ण राजू के साथ कथित तौर पर हिरासत में मारपीट करने के मामले से जुड़ी है। उस समय वाईएसआरसीपी की सरकार सत्ता में थी।

 

सुनील नायक को ट्रांजिट वारंट पर गुंटूर ले जाया जा रहा है। गुंटूर में उनके और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज है। सुबह पटना में बिहार फायर सर्विसेज के आईजी सुनील कुमार नायक के आधिकारिक घर पर कई घंटों तक छापेमारी की गई।

 

यह भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश में बनेगी देश की पहली AI यूनिवर्सिटी, 8वीं से एडमिशन, खासियत समझिए

साल 2021 का है मामला

यह पूरा मामला 2021 में गुंटूर जिले के नरसापुरम में हुआ था। उस वक्त पूर्व सांसद के रघुरामा कृष्ण राजू को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान सुनील नायक आंध्र प्रदेश के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) में तैनात थे। बाद में आरोप लगे कि उनकी सलाह पर गिरफ्तारी हुई और हिरासत में सांसद के साथ मारपीट की गई।

 

रघुरामा कृष्ण राजू ने शिकायत दर्ज कराई कि तब के सीआईडी डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल एम सुनील नायक ने हिरासत में उन्हें प्रताड़ित किया। शिकायत मिलने के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस ने कई बार नायक को बुलाया और उनका बयान दर्ज करने को कहा, लेकिन वह नहीं आए।

कोर्ट ने दिया आदेश

कोर्ट के आदेश के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ। बाद में उनकी जमानत भी रद्द कर दी गई। इसी वजह से आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम पटना गई और उन्हें गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें स्थानीय कोर्ट में पेश किया जाएगा और फिर ट्रांजिट रिमांड पर आंध्र प्रदेश ले जाया जाएगा। जांच के लिए और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।

 

छापेमारी के दौरान उनके घर के आसपास भारी सुरक्षा रही। सेंट्रल एसपी, सेक्रेटेरिएट एसडीपीओ-2 जैसे बड़े अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौजूद थे।

 

यह भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश में दो पूर्व मंत्रियों पर हमला, किस बात से नाराज हो गए TPD के लोग?

2005 बैच के अधिकारी

सुनील कुमार नायक 2005 बैच के बिहार काडर के आईपीएस अधिकारी हैं। 2019 में वह आंध्र प्रदेश में डेपुटेशन पर गए थे और तीन साल वहां रहे थे। 2024 में नई सरकार बनने के बाद वह बिहार लौट आए और अभी बिहार फायर सर्विसेज के आईजी हैं।