हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के कुछ इलाकों में लगातार पीलिया की बीमारी बढ़ती जा रही है। आए दिन पीलिया से बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। हमीरपुर में अभी तक 39 लोग और 14 स्कूल के छात्र पीलिया से बीमार हैं। इनमें से 2 मरीजों का हमीरपुर में ही इलाज हो रहा है, जबकि 12 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज घर से ही हो रहा है। अब तक 25 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक स्वाहल, बादू, मोहिन, बलिह, मझोप, रोपा और कथल गांवों और आसपास के इलाकों में पीलिया के मामले सामने आए हैं। जानकारी के लिए बता दें कि पीलिया पानी से फैलने वाली बीमारी है।
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पीलिया बीमारी कैसे बढ़ी?
पीलिया गंदा पानी पीने की वजह से होता है। पानी अक्सर जलभराव की वजह से दूषित हो जाता है। हमीरपुर में पुल के निर्माण से नदी का बहाव घटा है, जिससे माना जा रहा है कि पानी इसी वजह से दूषित हुआ है। माना जा रहा है कि गर्मी के मौसम में अगर बारिश नहीं हुई तो पीलिया बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है।
हमीरपुर के डॉक्टर रमेश रत्ना ने शुक्रवार को पीलिया बीमारी को लेकर कहा कि क्षेत्र में पीलिया के मामले बढ़ रहे हैं। इसको कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और राज्य के जल विभाग को मिलकर काम करना चाहिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि हर दिन पानी के सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। साथ ही स्थानीय लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि वे पानी उबालकर पिएं।
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इसके बाद जल शक्ति विभाग में काम कर रहे राजेश गर्ग ने कहा कि जैसे ही उनकी टीम को खबर मिली कि आसपास के इलाकों में पीलिया फैल रहा है, इसके बाद विभाग की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और पानी के सैंपल इकट्ठा किए हैं। फिलहाल बीमारी फैलने के कारणों की जांच की जा रही है।
पीलिया रोकने के लिए स्वास्थ्य टीम सक्रिय
हिमाचल प्रदेश के इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम इस समय आम जनता के घर-घर जा रही है और जांच कर रही है कि किसी व्यक्ति को पीलिया हुआ है या नहीं। पीलिया के संक्रमण को रोकने के लिए लोगों को क्लोरीन की गोलियां दी जा रही हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को जागरूक कर रही है कि पानी केवल उबालकर ही पीना चाहिए।
