ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हमले में मौत के विरोध में जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन हो रहा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई इलाकों में पाबंदियां लगा दी है। स्कूल-कॉलेजों की बंदी दो दिन से बढ़ाकर 7 मार्च तक कर दी गई है। जम्मू कश्मीर के राजोरी और पुंछ जिलों में माहौल शांतिपूर्ण रहा, जबकि लद्दाख के कारगिल चौक में बाजार बंद है। श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

 

शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में मंगलवार को कुछ दुकानें खुली है। सीमित संख्या में गाड़ी सड़कों पर चल रहे है।हालांकि डाउनटाउन और शिया इलाकों में विरोध प्रदर्शन जारी है। लाल चौक के घंटाघर को फिलहाल सील कर दिया गया है। उसके चारों ओर बैरिकेड लगाए गए हैं। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।

 

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जम्मू कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं बंद

पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बुधवार को भी कई इलाकों में प्रतिबंध जारी रहेंगे। इंटरनेट सेवाएं भी कई स्थानों पर बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार के उकसावे से बचने की अपील की है।

कश्मीर के राजोरी-पुंछ में बंद का असर

घाटी के बाहर जम्मू कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में भी इस घटना का असर दिखाई दिया है। राजौरी शहर और आसपास के इलाकों में मुस्लिम संगठनों ने दुकानें बंद कर दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापारियों ने भी बंद का समर्थन किया है। हालांकि, किसी भी इलाके से हिंसा की सूचना नहीं मिली है। पुंछ जिले में भी बंद का असर देखा गया है। इस दौरान हिंदू और सिख समुदाय ने भी बंद का समर्थन किया है।

 

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सामाजिक विकास को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ठोस उठाने चाहिए। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए लोगों को भावनाओं में बहकर कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईरान के लोगों को अपनी सरकार तय करने का अधिकार है और बाहरी ताकतों को इसमें दखल नहीं देना चाहिए।

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कश्मीर में शिया समुदाय का विरोध

खामेनेई की मौत की खबर के बाद कश्मीर सहित देश के कई हिस्सों में शिया समुदाय में गुस्सा देखा गया है। रविवार को श्रीनगर के लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में विरोध प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए और सड़कों पर उतरकर विरोध किया है। जम्मू-कश्मीर में शिया समुदाय की आबादी करीब 15 लाख बताई जाती है। राज्य सरकार ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ईरान में मौजूद जम्मू-कश्मीर के छात्रों तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से बात की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।