केरल में पिछले 24 घंटों के दौरान अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन यानी पराबैंगनी (यूवी) विकिरण का हाई स्तर दर्ज किया गया है। यह चिंता की बात है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पथनमथिट्टा के कोन्नी, अलप्पुझा के चेंगन्नूर, कोट्टायम के चंगनाशेरी और इडुक्की के मुन्नार में अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन का स्तर आठ से ऊपर दर्ज किया गया है। इसकी वजह से राज्य सरकार ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
इसके अलावा, पूरे केरल भर में 10 जगहों पर इसका स्तर छह और सात के बीच दर्ज किया गया है। यह स्तर 'येलो अलर्ट' के दायरे में आता है। आपदा प्रबंधन ने कहा कि लंबे समय तक पराबैंगनी किरणों के संपर्क में रहने से 'सनबर्न' (त्वचा का जलना), त्वचा रोग, आंखों पर प्रभाव पड़ने सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
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सरकार ने लोगों को सलाह दी
राज्य आपदा प्रबंधन ने इसको लेकर लोगों को सलाह दी है। सलाह के मुताबिक, रेडिएशन का उच्चतम स्तर आमतौर पर सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे के बीच दर्ज किया जाता है जिससे इस समयसीमा के दौरान लोगों को धूप से सीधे संपर्क में आने से बचने का आग्रह किया गया है। सलाह में परामर्श में धूप से सीधे संपर्क में आने वाले लोगों से तथा त्वचा की समस्याओं, एल्बिनिज्म, आंखों की बीमारियों, कैंसर और कमजोर इम्यून सिस्टम से पीड़ित लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
क्या पहनकर बाहर निकलें लोग?
प्राधिकरण ने जनता को सलाह दी कि वे टोपी, छाता और धूप के चश्मे जैसे सुरक्षात्मक उपायों का इस्तेमाल करें और दिन के समय बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनें। प्राधिकरण ने आगे कहा कि आमतौर पर ऊंचाई वाले और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अल्ट्रावॉयलेट रे का स्तर अधिक होता है। साथ ही साफ आसमान वाले दिनों में भी यह उच्च रह सकता है।
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कई जिलों में बजाए गए सायरन
इसमें कहा गया कि प्राधिकरण द्वारा स्थापित 14 निगरानी केंद्रों से प्राप्त वास्तविक समय के अल्ट्रावॉयलेट इंडेक्स डेटा ऑनलाइन मौजूद हैं। इस बीच, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों में बढ़ते तापमान को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दोनों जिलों के लिए हीटवेव की चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया कि चेतावनी प्रणाली के हिस्से के रूप में शुक्रवार दोपहर 12.30 बजे के बाद त्रिशूर और पलक्कड़ तथा उन अन्य जिलों में सायरन बजाए गए जहां तापमान बढ़ रहा है।
