लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने मंत्रिमंडल विस्तार करके छह नए विधायकों को मंत्री बनाया है। इन्हीं में फतेहपुर जिले की खागा सुरक्षित विधानसभा सीट से पासी समुदाय की कृष्णा पासवान भी हैं।
कृष्णा पासवान ने बीजेपी के टिकट पर तीन बार जीत हासिल की है। वह विधायक बनने से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और दो बार जिला पंचायत सदस्य रहीं। लंबे राजनीतिक सफर के बाद भी उनका नाम किसी भी विवाद में नहीं आया। क्षेत्र में उनकी पहचान ईमानदार व कर्मठ नेता के रूप में है।
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मोदी का प्रचार करके हंसराज को मिला लाभ
बनारस के हंसराज कश्यप ने भी रविवार को राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वह भारतीय जनता पार्टी के बनारस के दो बार जिलाध्यक्ष रहे हैं। उनकी अगुवाई में पार्टी ने बनारस की पांचों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनाव मैनेजमेंट भी देखते रहे हैं। पिछड़ी जाति के हंसराज विश्वकर्मा पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी थे।
कल्याण सिंह के पार्टी छोड़ने के बाद हंसराज ने भी बीजेपी से किनारा कर लिया था। वह कल्याण सिंह की पार्टी राष्ट्रीय क्रांति पार्टी से कैंट विधानसभा से चुनाव लड़े थे, मगर चुनाव हार गए थे। चुनाव हारने के बाद भी वह कल्याण सिंह से जुड़े रहे। वर्ष 2023 में बीजेपी ने उनकी निष्ठा को देखते हुए विधान परिषद का सदस्य बनाया था।
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सुरेन्द्र दिलेर के दादा-पिता भी रह चुके सांसद
अलीगढ़ की खैर सीट से 2024 में सुरेंद्र दिलेर ने पहली बार उपचुनाव जीतकर विधायक बने। उनकी तीन पीढ़ियां बीजेपी से जुड़ी हैं। खैर विधानसभा अलीगढ़ की सबसे चर्चित सीट है। सुरेन्द्र दिलेर के बाबा किशन लाल चार बार सांसद और छह बार विधायक रहे हैं। पिता राजवीर सिंह दिलेर बीजेपी से हाथरस के सांसद व इगलास के विधायक रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद राजवीर सिंह का निधन हो गया था। वह भी पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी थे।
