चंडीगढ़ में ठेके के अलावा मॉल, मार्केट, पेट्रोल पंप और डिपार्टमेंटल स्टोर पर भी शराब मिल सकेगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने आबकारी नीति 2026-27 को हरी झंडी दे दी है। शराब की दुकानों पर ऑनलाइन भुगतान को भी अनिवार्य बनाया गया है। प्रशासन के इस कदम से लेन-देन में पारदर्शिता आएगी। पीओएस मशीन और कार्ड के माध्यम से भी भुगतान हो सकेगा।

 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ प्रशासन ने उपभोक्ताओं की सुविधा और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से नियमों में सुधार किया है। अब स्थानीय बाजार, शॉपिंग मॉल और पेट्रोल पंप के अलावा डिपार्टमेंटल स्टोर भी बीयर और विदेशी शराब बेच सकेंगे। हालांकि सभी को आवश्यक लाइसेंस हासिल करना होगा। वहीं रेस्तरां, होटल और बार को अपने यहां अल्कोहल टेस्टिंग मशीन लगानी होगी, ताकि यहां उपभोक्ता अपने शराब के स्तर की जांच कर सकें। 

 

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दो चरणों में हुई शराब ठेकों की नीलामी

चंडीगढ़ प्रशासन ने आबकारी नीति 2026-27 के तहत दो चरणों में ई-नीलामी आयोजित की। 19 मार्च को पहले चरण में 82 दुकानों की नीलामी में 487.68 करोड़ रुपये की धनराशि मिली। यह आरक्षित राशि 376.24 करोड़ रुपये से करीब 29 फीसद अधिक है। वहीं सहभागिता शुल्क के तौर पर 3.90 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई।

 

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करीब 28 फीसद बढ़ा राजस्व

दूसरे चरण की नीलामी में 11 खुदरा शराब की दुकानों को बोली लगाई गई। प्रशासन को आरक्षित मूल्य 53.94 करोड़ से 15.64% से ज्यादा यानी कुल 62.38 करोड़ रुपये की राशि मिली। सहभागिता शुल्क के तौर पर 38 लाख रुपये मिले। दोनों चरणों में 93 शराब की दुकानों की बोली से कुल 550.06 करोड़ रुपये राशि मिली। यह रकम संयुक्त आरक्षित मूल्य 430.18 करोड़ रुपये से 28 फीसद ज्यादा है। अगर भागीदारी शुल्क की बात करें तो चंडीगढ़ प्रशासन ने कुल 4.28 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई है।