मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में सिहोरा कस्बे में गुरुवार रात धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह घटना आजाद चौक के पास हुई, जहां एक दुर्गा मंदिर और एक मस्जिद (मजार) आमने-सामने स्थित हैं।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात करीब 10 बजे मंदिर में आरती चल रही थी और पास की मस्जिद में भी प्रार्थना हो रही थी। दोनों समुदायों के लोगों ने पहले यह तय किया था कि जब एक जगह पर पूजा या नमाज चल रही हो, तो दूसरी जगह लाउडस्पीकर नहीं बजाए जाएंगे। लेकिन इस नियम को किसी एक पक्ष ने तोड़ा, जिससे बहस शुरू हुई और जल्दी ही पत्थरबाजी में बदल गई।

 

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लाउडस्पीकर से बढ़ा विवाद

पुलिस महानिरीक्षक (जबलपुर जोन) प्रमोद वर्मा ने बताया कि लाउडस्पीकर की वजह से विवाद बढ़ा। अब दोनों धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटा दिए गए हैं। इलाके में 2023 में जारी राज्य सरकार के नियम की याद दिलाई गई है, जिसमें धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज तय सीमा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह नियम मुख्यमंत्री मोहन यादव के शपथ लेने के बाद जारी किया गया था।

 

झड़प के बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पांच एफआईआर दर्ज हुई हैं, जिनमें दंगा फैलाने, धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप हैं। मंदिर को नुकसान पहुंचाने के एक मामले में 49 लोगों को कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।

500 पुलिसकर्मी तैनात

अन्य मामलों में मजार को गंदा करने, फल विक्रेता की ठेली तोड़ने, एक मुस्लिम महिला के घर में रखे तेंदू पत्तों को जलाने और बिजली मीटर खराब करने जैसे आरोप हैं। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

 

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शुक्रवार और शनिवार को स्थिति शांत रही। इलाके में करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। पुलिस वाले एंटी-रायट गियर में थे और ड्रोन से हवाई निगरानी की जा रही थी। जबलपुर के अलावा कटनी और सिवनी जैसे संवेदनशील जिलों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

 

शनिवार को बाजार फिर से खुल गए और कस्बे में सामान्य हालात बन गए। पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति बनी हुई है।