महाराष्ट्र के नागपुर में धीरेंद्र शास्त्री ने एक कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर एक दावा किया। धीरेंद्र शास्त्री ने बताया है कि शिवाजी महाराज थक गए थे, इस वजह से उन्होंने रामदास स्वामी को राज्य संभालने के लिए कहा था। इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में हंगामा खड़ा कर दिया। एक तरफ शिवसेना नेता संजय राउत ने न सिर्फ धीरेंद्र शास्त्री बल्कि सत्ता पक्ष पर भी निशाना साधा। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के नेताओं ने भी बीजेपी सरकार पर तंज कसा। इस विवाद पर सीएम (CM) देवेंद्र फडणवीस ने सफाई दी।

 

धीरेंद्र शास्त्री 25 अप्रैल को नागपुर के एक कार्यक्रम में गए थे, जहां उन्होंने न सिर्फ छत्रपति शिवाजी के बारे में बयान दिया, बल्कि यह भी कहा कि हिंदू चार बच्चे पैदा करें और एक बच्चे को आरएसएस (RSS) में भेजें। धीरेंद्र शास्त्री के इस कार्यक्रम में सीएम देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे।

 

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धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान

शनिवार के दिन धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज का एक किस्सा सुनाते हुए कहा था, 'छत्रपति शिवाजी महाराज युद्ध लड़ते-लड़ते थक चुके थे। इसके बाद वह रामदास स्वामी के पास गए थे। स्वामी के आगे छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपना मुकुट उतार दिया और स्वामी से राज्य संभालने का निवेदन किया।'

संजय राउत ने क्या कहा?

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, 'इस बयान को सुनने के बाद जो सत्ता में बैठे हैं, उन्हें भी दुख होना चाहिए। एक बाबा महाराष्ट्र में आता है और उसी मंच पर राज्य के मुख्यमंत्री मौजूद हैं। वहां बाबा शिवाजी महाराज का इतिहास बदल रहा है। सीएम देवेंद्र फडणवीस को गुस्सा क्यों नहीं आया? आरएसएस (RSS) प्रमुख को गुस्सा क्यों नहीं आया? इतिहास बदलने वाले ऐसे बाबा ढोंगी होते हैं।'

 

इसके बाद संजय राउत ने कहा, 'मैं उनसे कहना चाहूंगा पहले पढ़ाई करो, पहले शिवाजी महाराज का इतिहास जानो। शिवाजी महाराज थे, इसी वजह से आप हिंदू बनकर जी रहे हो।'

 

कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने भी बागेश्वर बाबा के बयान को पूरी तरह गलत बताया और कहा कि इतिहास को गलत तरीके से पेश किया गया है।'

 

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सीएम देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बढ़ते विवाद को शांत करने के लिए कहा कि बागेश्वर बाबा का बयान इतिहास पर आधारित नहीं था। वह शिवाजी महाराज से जुड़ी लोककथाओं के आधार पर बोल रहे थे।