पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को एक अंतरिम बजट पेश किया, जिसमें महिलाओं और युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं। यह बजट विधानसभा चुनाव से पहले आया है, जो इस साल अप्रैल-मई में होने वाले हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने लक्ष्मीर भंडार योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली राशि बढ़ा दी है। अब सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की जगह 1,500 रुपये मिलेंगे और अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं को 1,200 रुपये की जगह 1,700 रुपये मिलेंगे। यह बढ़ोतरी फरवरी 2026 से लागू होगी। इस योजना के लिए बजट में 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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युवाओं के लिए घोषणा
वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में यह अंतरिम बजट (वोट-ऑन-अकाउंट) पेश किया, जिसकी कुल राशि लगभग 4.06 लाख करोड़ रुपये है। यह बजट वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए है, लेकिन सिर्फ कुछ महीनों के लिए है। पूर्ण बजट चुनाव के बाद नई सरकार पेश करेगी।
सरकार ने एक नई योजना 'बांग्ला युबा साथी' (या बांग्लार युबा साथी) की भी घोषणा की है। इसमें 21 से 40 साल के बेरोजगार युवाओं को, जो माध्यमिक (माध्यमिक परीक्षा) पास हैं, हर महीने 1,500 रुपये दिए जाएंगे। यह मदद तब तक मिलेगी जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती या अधिकतम 5 साल तक। हालांकि, यह योजना 15 अगस्त 2026 से शुरू की जाएगी।
आशा वर्कर्स का मानदेय बढ़ा
इसके अलावा, आशा वर्कर्स का मानदेय 1,000 रुपये बढ़ाया गया है। ICDS वर्कर्स, पैरा टीचर्स, शिक्षा बंधु, शिक्षा सहायक और अन्य कर्मचारियों का भी भत्ता 1,000 रुपये बढ़ा दिया गया है। सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 4 प्रतिशत बढ़ाया गया है। राज्य सरकार ने सातवें वेतन आयोग को लागू करने की भी बात कही है।
गिग वर्कर्स (जैसे ऐप आधारित काम करने वाले) को अब स्वस्थ साथी स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल किया जाएगा। ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र से आर्थिक रूप से कम सहयोग मिलने के बावजूद यह बजट जनता के हित में है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं।
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सुवेंदु अधिकारी ने बताया ‘लालच’
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसे 'चुनावी लालच' बताया और कहा कि अंतरिम बजट में इतनी घोषणाएं ठीक नहीं हैं। यह बजट महिलाओं और युवाओं को लुभाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि चुनाव नजदीक हैं।
