संजय सिंह, पटनाः लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को भले ही परिवार और राजनीति से निकाल दिया हो, लेकिन वे मुसीबत बनकर खड़े हो जाते हैं। अब नया मुसीबत उनके इंटरव्यू से उत्पन्न हुआ है। सत्ता पक्ष तेजप्रताप के इंटरव्यू का हवाला देकर तेजस्वी को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इंटरव्यू में कह दिया कि नरेंद्र मोदी देश के बेस्ट प्रधानमंत्री हैं। अब राजनीति से लालू युग का अंत हो चुका है। अभी भी अगर जयचंदों को दूर नहीं रखा गया तो, आरजेडी समाप्त हो जाएगा।
तेजप्रताप यादव ने कहा कि मेरे लिए राजनीति से बढ़कर मेरा मान सम्मान है। आरजेडी में मेरा सम्मान नहीं हो पा रहा था। इसलिए मैने अलग रास्ता चुन लिया। मेरे हटने के बाद पार्टी मात्र 25 सीटों पर सिमट गई। अब हमारा रास्ता बिल्कुल अलग हो गया है। उन्होंने टिकट बंटवारे के दौरान आरजेडी में पैसे मांगने के आरोप पर कहा कि मैं इन आरोपों से इनकार नहीं करता। वहां जो जयचंद बैठे हुए हैं, उन लोगों ने पैसे की मांग की होगी। जब आपके सलाहकार परिपक्व नही होंगे तो पार्टी डूबेगी ही। किसी का दुश्मन कोई बाहरी व्यक्ति नहीं होता है। घर परिवार के लोग ही जब दुश्मन बन बैठते हैं तो यही हश्र होता है।
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मां का आशीर्वाद सर्वोपरि
तेजप्रताप ने कहा कि मां का आशीर्वाद मेरे लिए सर्वोपरि है। यह आशीर्वाद मां ने मुझे दे दिया है। उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान मां राबड़ी देवी ने मुझे घर लौट आने की सलाह दी थी, लेकिन मैने उनको यह कहकर मना कर दिया कि अब हमारा राजनीतिक रास्ता बिल्कुल अलग हो गया है। मैं चाहकर भी पुराने रास्ते पर नही लौट सकता।
बस सिर्फ आपका आशीर्वाद चाहिए। उन्होंने अपनी बहन रोहिणी आचार्य के बारे में कहा कि वह उनके लिए आदर्श हैं। मुसीबत के समय मेरे पिता के लिए सबसे पहले बहन ही आगे आई थी। आज लोग उसकी कुर्बानी को भूल गए हैं। यह सब मेरे परिवार में कुछ जयचंदों के कारण ही हो रहा है। इन जयचंदों को जब तक दूर नही किया जाएगा, तब तक किसी का भला नहीं हो सकता।
लालू युग का अंत
उन्होंने कहा कि परिवार से दूर आकर उन्हें अकेले रहना अच्छा नहीं लगता, लेकिन उनकी अपनी मजबूरी है। उनसे जब यह पूछा गया कि आपके पिता तो बिहार के राजा रहे हैं फिर आप उतने परेशान क्यों रहते हैं। उन्होंने इसके जवाब में कहा कि अब धीरे धीरे लालू यादव का राज खत्म होने की ओर है। अब न कोई राजा बचा और न ही कोई प्रजा। लालू राज के खात्मे में भी जयचंदों का हाथ है।
मोदी बेस्ट पीएम
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की जमकर सराहना की। उनसे जब पूछा गया कि प्रधानमंत्री को आप उनके कार्यों के लिए कितना नंबर देंगे तो, उन्होंने तपाक से कह दिया कि हम उन्हें दस में से दस नंबर देंगे।
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तेजप्रताप ने कहा कि मेरी भी आस्था मोदी जी की तरह ईश्वर में है। यदि वे नास्तिक होते तो मैं उनका नंबर काट लेता। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके कामकाज में भी कोई कमी नही है। कुछ दिनों पूर्व बुर्का विवाद के कारण उन्हें घेरने की कोशिश की गई थी। तेजप्रताप के इस इंटरव्यू से राजनीतिक महकमे में सरगर्मी तेज हो गई है।