सोशल मीडिया पर बिहार मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और धमकी भरा वीडियो पोस्ट करना एक युवक को महंगा पड़ गया। वायरल वीडियो के कारण पूरे जिले में चर्चा का विषय बने इस मामले में पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि आरोपी ने बाद में सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी, लेकिन कानून की गिरफ्त से वह नहीं बच सका। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान हसनपुर थाना क्षेत्र के मौजी गांव निवासी हीरालाल यादव उर्फ हीरालाल कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह असम में रहकर काम करता था और कुछ दिनों पहले ही अपने गांव लौटा था। गांव लौटने के बाद उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए एक वीडियो पोस्ट कर दिया। वीडियो में कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया था।

 

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वायरल हुआ वीडियो

देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों तक इसकी जानकारी पहुंची। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच आरंभ कर दी।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ी हलचल

सूत्रों के अनुसार, वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। प्रशासन ने मामले को केवल आपत्तिजनक टिप्पणी तक सीमित नहीं माना, बल्कि इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय समझते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया।


पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 27 मई 2026 की रात मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और धमकी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। इसके बाद हसनपुर थाना कांड संख्या-166/26 दर्ज किया गया। मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।

माफी मांगकर बचने की कोशिश

पुलिस दबाव बढ़ने और गिरफ्तारी की आशंका के बीच आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उसने अपने पूर्व बयान पर खेद जताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उसने स्वीकार किया कि उससे गलती हुई है और उसके बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हों तो वह इसके लिए क्षमा चाहता है।


हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपत्तिजनक और कानून का उल्लंघन करने वाले कृत्य पर कानूनी प्रक्रिया अपने निर्धारित तरीके से चलती है। केवल माफी मांग लेने से दर्ज मुकदमे स्वतः समाप्त नहीं हो जाते। इसी कारण जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी रखी गई।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

हसनपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव के आसपास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई तथा उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1), 351, 352 और 353(2) के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 66 एवं 67 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आवश्यकतानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

 

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सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर की जाने वाली गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी व्यक्ति द्वारा भड़काऊ, धमकीपूर्ण, आपत्तिजनक या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री पोस्ट करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म अभिव्यक्ति का माध्यम जरूर हैं, लेकिन उनकी आड़ में किसी व्यक्ति, संवैधानिक पद या सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।