उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सदर बाजार थाना क्षेत्र स्थित तेली मोहल्ला निवासी 72 वर्षीय उदयभानु विश्वास ने अपनी 35 वर्षीय बेटी प्रियंका की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार नहीं किया और करीब चार महीने तक शव को घर के अंदर बंद कमरे में छोड़ दिया। यह शख्स लगातार परफ्यूम छिड़कता था ताकि बदबू न आए। पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी कि आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब घर से तेज बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने 10 अप्रैल को मकान से युवती का सड़ा-गला शव बरामद किया जो काफी हद तक कंकाल चुका था।

 

जांच में सामने आया है कि युवती की मौत 1 दिसंबर 2025 को बीमारी की वजह से हुई थी जिसके बाद आरोपी पिता कई दिनों तक शव के साथ ही घर में रहा। लाश से आने वाली सड़न की बदबू को हटाने और इसे छिपाने के लिए उदयभानु लगातार परफ्यूम का इस्तेमाल करता रहा ताकि किसी को शक न हो। आरोपी मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है और शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के पद से रिटायर हो चुका है।

 

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मानसिक स्थिति की जांच

पुलिस ने बरामद किए गए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी उदयभानु विश्वास की इस अजीबोगरीब हरकत को देखते हुए पुलिस ने सरदार वल्लभभाई पटेल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उसकी मनोचिकित्सकीय जांच (Psychiatric Evaluation) भी कराई है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

 

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कुछ साल पहले दिल्ली का श्रद्धा वालकर मामला भी काफी चर्चा में रहा था जिसमें आरोपी आफताब ने श्रद्धा की हत्या के बाद उसके शव के कई टुकड़े किए और उन्हें महीनों तक घर के फ्रिज में छिपाकर रखा था। उस दौरान भी आरोपी ने लाश की सड़न और बदबू को छिपाने के लिए अगरबत्ती और रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल किया था।