साल 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से लड़ते हुए अपनी जान गंवाने वाले शहीद कर्नल संतोष बाबू की मां, बिकुमल्ला मंजुला, चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। वह अपने गृह क्षेत्र सूर्यापेट में होने वाले नगरपालिका चुनाव में भारत राष्ट्र समिति (BRS) की उम्मीदवार के तौर पर अपनी किस्मत आजमाएंगी। उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। 

 

इस मौके पर उन्होंने तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि के. चंद्रशेखर ने राज्य में विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने पार्टी के साथ जुड़ने का फैसला किया।

 

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11 फरवरी को डाले जाएंगे वोट

तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज है। राज्य की 123 स्थानीय निकायों की करीब 3,000 सीटों के लिए 11 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। इन चुनावों के नतीजे 13 फरवरी को आएंगे। साथ ही मेयर और चेयरपर्सन जैसे पदों के लिए 16 फरवरी को चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 

वीरता के लिए 'महावीर चक्र'

कर्नल संतोष बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे। जून 2020 में चीनी सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में वह वीरता से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। उनकी इस बहादुरी के लिए साल 2021 में उन्हें मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार 'महावीर चक्र' से सम्मानित किया गया था, जिसे उनकी मां ने खुद लिया था।

 

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संतोष बाबू को मिले सैन्य प्रशस्ति पत्र में दायर जानकारी के अनुसार, उन्होंने दुश्मन के ठीक सामने एक ऑब्जर्वेशन पोस्ट बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। चीनी सैनिकों से लड़ते समय वह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। घायल होने के बाद भी वह पीछे हटने के बजाय अपने सैनिकों का नेतृत्व किया।