क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक बड़ा और भावुक फैसला लिया है। अपनी बेबाकी के लिए मशहूर सिद्धू ने जीते जी अपनी करोड़ों की संपत्ति का बंटवारा अपने बेटे और बेटी के बीच करने का एलान कर दिया है। सिद्धू ने साफ किया है कि उनके पटियाला और अमृतसर स्थित आलीशान घरों का असली वारिस अब कौन होगा।

 

नवजोत सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया पर एक डिटेल्ड पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के साथ लंबी बातचीत के बाद यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि परिवार में ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने और अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए अपनी जिंदगी में यह कदम उठाना सही रहेगा। इस घोषणा के साथ ही सिद्धू ने अपनी प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर अपने विरोधियों को भी कड़ा जवाब दिया।

 

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किसे क्या मिला?

नवजोत सिंह सिद्धू के फैसले के अनुसार, उनके बेटे करन सिद्धू को पटियाला स्थित पुश्तैनी घर दिया गया है। यह घर यादविंद्रा कॉलोनी में बारादरी गार्डन के पास स्थित है और परिवार की विरासत का अहम हिस्सा माना जाता है। यह मकान उनके पिता द्वारा बनवाया गया था। जिससे इसका भावनात्मक महत्व और भी बढ़ जाता है।

 

वहीं, उनकी बेटी राबिया सिद्धू को अमृतसर का वह घर दिया गया है, जिसे सिद्धू ने खुद अपनी मेहनत से बनवाया था। सिद्धू ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह घर उन्होंने एक वादा निभाने के लिए बनाया था। चुनाव के दौरान उन्होंने अमृतसर के लोगों से यहां रहने का वादा किया था। जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने यह घर तैयार किया।

 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमृतसर में वाला आलीशान घर करीब 49 हजार 500 स्क्वायर फीट में फैला हुआ है। उन्होंने इसे साल 2014 में बनवाया था लेकिन करीब तीन साल बाद साल 2017 में सिद्धू अपने परिवार के साथ इस घर में शिफ्ट हुए थे।

सिद्धू ने किया भावुक पोस्ट

नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने पोस्ट में यह भी साफ किया कि उनकी संपत्ति पूरी तरह उनकी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने लिखा कि इसमें राजनीति से कमाया गया एक भी पैसा शामिल नहीं है। टीवी शो, क्रिकेट कमेंट्री और अन्य माध्यमों से अर्जित आय से उन्होंने यह सब हासिल किया है। परिवार के साथ तस्वीरें साझा करते हुए सिद्धू ने अपने इस फैसले को जिम्मेदारी भरा और भावनात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और परिवार में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है।