संजय सिंह, पटना: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब दक्षिण एशिया के सीमावर्ती इलाकों तक साफ दिखाई देने लगा है। नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि सस्ता तेल पाने के लिए बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक अपनी गाड़ियां लेकर भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे भारतीय पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे हैं। उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों में इन दिनों यह दृश्य आम हो गया है।
पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी और सीतामढ़ी जिलों के पेट्रोल पंपों पर सुबह से लेकर शाम तक नेपाली नंबर प्लेट वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों की संख्या अधिक है, जो सीमापार से सिर्फ पेट्रोल भरवाने के लिए भारत पहुंच रहे हैं।
नेपाल में चौथी बार बढ़ाई गई कीमत
दरअसल, हाल ही में नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी की है। इस वृद्धि के बाद नेपाल में पेट्रोल की कीमत भारतीय मुद्रा में करीब 137 रुपये प्रति लीटर और डीजल 129 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। वहीं भारत में पेट्रोल लगभग 106.44 रुपये और डीजल 92.61 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इस तरह नेपाल के मुकाबले भारत में पेट्रोल करीब 30 रुपये और डीजल लगभग 37 रुपये प्रति लीटर सस्ता है। यही बड़ा मूल्य अंतर नेपाली उपभोक्ताओं को भारतीय बाजार की ओर खींच रहा है।
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मधुबनी जिले के मधवापुर, हरलाखी और साहरघाट जैसे सीमावर्ती इलाकों के पेट्रोल पंपों पर नेपाली ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। यहां सुबह से ही कतार लगनी शुरू हो जाती है, जो देर शाम तक बनी रहती है। इसी तरह पूर्वी चंपारण के रक्सौल, आदापुर, छौड़ादानो और रामगढ़वा क्षेत्रों में भी स्थानीय वाहनों की तुलना में नेपाली वाहनों की संख्या अधिक देखी जा रही है।
सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा, भिट्ठामोड़-सुरसंड, परिहार, मेजरगंज और बैरगनिया जैसे बाजारों में भी यही स्थिति है। यहां नेपाल से आने वाले लोग न केवल रोजमर्रा की खरीदारी करते हैं, बल्कि लौटते समय अपने वाहनों में पेट्रोल-डीजल भी भरवाकर ले जाते हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी
हालांकि, इस बढ़ती आवाजाही के बीच प्रशासन भी सतर्क हो गया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थों की संभावित तस्करी को रोकने के लिए सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पेट्रोल पंप संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और तत्काल सूचना प्रशासन को दें। पश्चिम चंपारण में इनरवा एसएसबी कैंप में तैनात इंस्पेक्टर उत्तम कुमार घोष के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर दोनों देशों के लोगों के बीच पारिवारिक और सामाजिक संबंध काफी गहरे हैं। ऐसे में सीमापार आवाजाही सामान्य है और इसी दौरान लोग पेट्रोल-डीजल भी ले लेते हैं। हालांकि, यदि तस्करी जैसी कोई शिकायत सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कुल मिलाकर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर ने सीमावर्ती क्षेत्रों में एक नई आर्थिक गतिविधि को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर नेपाली उपभोक्ताओं को सस्ता विकल्प मिल रहा है, वहीं भारतीय पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी से व्यापार भी बढ़ा है लेकिन प्रशासन के लिए यह संतुलन बनाए रखना चुनौती बना हुआ है, ताकि सुविधा के नाम पर अवैध कारोबार को बढ़ावा न मिले।
