दिल्ली के दक्षिण पश्चिम दिल्ली जिले के पॉश इलाके वसंत एन्क्लेव में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घर के बाहर लग्जरी कार में बैठकर शराब पी रहे युवकों को रोकना भारतीय सेना के एक सेवारत ब्रिगेडियर और उनके बेटे को भारी पड़ गया। आरोपियों ने न केवल पिता-पुत्र के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि बीच-बचाव करने आई ब्रिगेडियर की पत्नी के साथ भी अभद्रता की। दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरुणजीत सिंह संधू द्वारा इस घटना का कड़ा संज्ञान लिए जाने के बाद, दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली LG ने व्यक्तिगत रूप से ब्रिगेडियर पीएस अरोड़ा से फोन पर बात कर उनका हाल जाना और पुलिस को निर्देश दिए कि परिवार को तत्काल प्रभाव से 'फुल सिक्योरिटी' मुहैया कराई जाए। LG ने साफ किया कि राजधानी में इस तरह की अराजकता और सैन्य अधिकारियों के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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LG ने एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी
दिल्ली के LG तरनजीत सिंह संधू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'वसंत एन्क्लेव में हुई उस घटना को लेकर मैं गहरी चिंता में हूं, जिसमें भारतीय सेना के एक सेवारत ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी और उनके 23 वर्षीय बेटे (जो IIT दिल्ली के ग्रेजुएट हैं) के साथ मारपीट की गई। मैंने खुद ब्रिगेडियर पीएस अरोड़ा से फोन पर बात कर घटना और उनके परिवार की हालत के बारे में जानकारी ली है। इसके साथ ही मैंने पुलिस कमिश्नर और DCP से भी बात की और उन्हें निर्देश दिया कि इस मामले की पूरी और तेज जांच हो, और दोषियों के खिलाफ तुरंत और उचित कार्रवाई की जाए।'
उन्होंनेने आगे लिखा, 'मैंने दिल्ली पुलिस को यह भी निर्देश दिया है कि अधिकारी और उनके परिवार को पूरी सुरक्षा दी जाए। हम अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।'
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क्या है पूरा मामला?
यह घटना शनिवार रात करीब 10 बजे की है, जब 53 वर्षीय ब्रिगेडियर परमिंदर सिंह अरोड़ा और उनका 23 वर्षीय बेटा तेजस (IIT ग्रेजुएट) टहलने निकले थे। घर के पास ही एक मर्सिडीज कार में कुछ युवक शराब पी रहे थे। ब्रिगेडियर ने जब उन्हें सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से मना किया तो आरोपी विवाद करने लगे। देखते ही देखते वहां 7-8 अन्य लोग जुट गए और उन्होंने पिता-पुत्र पर हमला बोल दिया।
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगे। पीड़ित परिवार के अनुसार, मारपीट के दौरान एक पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद था लेकिन वह मूकदर्शक बना रहा। यही नहीं, वसंत विहार थाने में भी शुरुआत में उनकी शिकायत को अनसुना कर दिया गया।
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दो आरोपी गिरफ्तार
इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी में सवार दोनों लोगों को पकड़ लिया गया है, जिनकी पहचान 49 वर्षीय सतेंद्र उर्फ सोनू और 56 साल के संजय शर्मा के तौर पर हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महरम नगर निवासी सतेंद्र चौधरी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में निदेशक है, जो उड़ान सेवाएं (चार्टर्ड उड़ानें, कार्गो उड़ानें आदि) प्रदान करती है और विमानों और उनके पुर्जों की बिक्री और खरीद में भी शामिल है। वहीं संजय शर्मा भी महरम नगर का निवासी है और इलाके में ही एक ढाबा चलाता है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल 'मर्सिडीज' गाड़ी को जब्त कर लिया गया है।