कर्नाटक के तुमकुरु जिले में मंदिर के अंदर कथित जातीय भेदभाव का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। आरोप है कि गोनी गांव स्थित अरसम्मा मंदिर में एक दलित नवविवाहित जोड़े को पूजा करने से रोका गया और उन्हें जबरन बाहर निकाला गया। घटना 19 फरवरी की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी के बाद नया शादीशुदा जोड़ा पूजा करने और भगवान के दर्शन करने मंदिर पहुंचा था। इसी बीच नारायणप्पा नाम के एक आदमी ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। यह आदमी दावा करता है कि उसके ऊपर देवी का असर है। चश्मदीदों के मुताबिक, वह पहले घुटनों के बल बैठा फिर खड़ा हुआ और परिवार पर चिल्लाने लगा।

 

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वीडियो में उसे कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि दलितों को मंदिर में नहीं आना चाहिए, उन्हें तुरंत चले जाना चाहिए। इस घटना ने जोड़े को सबके सामने बेइज्जत किया, जिससे उन्हें मंदिर छोड़ना पड़ा।

पुलिस ने की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। तुमकुरु के पुलिस सुपरिटेंडेंट अशोक केवी ने बताया कि एक बुज़ुर्ग आदमी भगवान के नाम पर नवविवाहित जोड़े को मंदिर में जाने से रोक रहा था। तुरुवेकेरे पुलिस स्टेशन में छह नामजद और एक अनजान आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

 

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पीड़ित जगदीश की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नारायणप्पा के साथ-साथ प्रभा, कांतन्ना, अमूल्या, पुट्टेगौड़ा और पद्मा के खिलाफ एसी/एसटी अत्याचार रोकथाम एक्ट और दूसरी संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वीडियो में दिख रहे मुख्य संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है। जबकि दूसरे संदिग्धों की तलाश जारी है।

 

पुलिस और रेवेन्यू डिपार्टमेंट की जॉइंट टीम ने किसी भी टेंशन को रोकने के लिए गांव में एक पीस मीटिंग की। अधिकारियों ने यह भी पक्का किया कि नया शादीशुदा जोड़ा मंदिर जाकर अपनी धार्मिक रस्में पूरी कर सके। प्रशासन ने कहा कि केस की जांच चल रही है और सबूतों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद सोशल मेलजोल बनाए रखने के लिए इलाके में और निगरानी बढ़ा दी गई है।