अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के रैकेट पर नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (NIA) ने बड़ा वार किया है। NIA की जांच अब बिहार के पूर्वी चंपारण तक पहुंच गई है। फेनहारा थाना क्षेत्र के एक युवक को संदिग्ध मानकर पूछताछ की गई। उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया है। NIA को संदेह है कि यह युवक भारतीय लड़कों को कंबोडिया भेजने वाले गिरोह से जुड़ा है। उसे 13 जुलाई को पटना NIA ऑफिस में दोबारा तलब किया गया है।
NIA की टीम फेनहारा थाना क्षेत्र के कालूपकर वार्ड नंबर 2 पहुंची। यहां रहने वाले कलामुद्दीन से घंटों पूछताछ हुई। एजेंसी को इनपुट मिला था कि कलामुद्दीन का नाम अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क में आया है। पूछताछ के बाद उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया। साथ ही उसे 13 जुलाई को पटना स्थित NIA कार्यालय में हाजिर होने का नोटिस दिया गया है। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच जारी है।
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NIA सूत्रों के अनुसार, कलामुद्दीन पर आरोप है कि वह एक ऐसे नेटवर्क के संपर्क में था जो भारतीय युवकों को नौकरी के नाम पर कंबोडिया भेजता था। युवकों के वीजा और फ्लाइट टिकट की व्यवस्था भी यही लोग कराते थे। विदेश भेजने के बाद युवकों को साइबर ठगी में धकेल दिया जाता था। पासपोर्ट छीन लिए जाते थे। कमरे में बंद कर मारपीट की जाती थी। NIA ने उसका मोबाइल कब्जे में ले लिया है। अब मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और चैट खंगाले जा रहे हैं। एजेंसी यह पता कर रही है कि उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे। कितने युवकों को उसने भेजा? कितना कमीशन मिला? पैसे का लेन-देन किस खाते से हुआ? डिजिटल फुटप्रिंट से पूरे नेटवर्क का नक्शा खींचा जाएगा।
देश-विदेश तक फैले हैं तार
जांच में सामने आया। यह नेटवर्क सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है। इसके तार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और कई राज्यों से जुड़े हैं। विदेश में कंबोडिया, थाईलैंड और म्यांमार में भी इसके ठिकाने हैं। NIA का मानना है। यह एक बड़ा सिंडिकेट है, जो गरीब और बेरोजगार युवकों को निशाना बनाता है। NIA की जांच में पता चला कि इन युवकों को पहले कॉल सेंटर या डेटा एंट्री की नौकरी का लालच दिया जाता है। सैलरी 50 हजार से 1 लाख तक बताई जाती है। जब युवक कंबोडिया पहुंचता है तो पासपोर्ट जब्त कर लिया जाता है। फिर उससे जबरन साइबर ठगी कराई जाती है। क्रिप्टो स्कैम, फेक इन्वेस्टमेंट और ऑनलाइन फ्रॉड कराया जाता है। मना करने पर मारपीट और टॉर्चर किया जाता है।
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NIA अब यह खंगाल रही है कि कलामुद्दीन और उसके नेटवर्क ने अब तक कितने भारतीय युवकों को विदेश भेजा। उनमें से कितने वापस लौटे और कितने अभी भी फंसे हैं? विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से भी डेटा मांगा गया है।
13 जुलाई को फिर होगी पूछताछ
NIA ने कलामुद्दीन को 13 जुलाई को पटना ऑफिस बुलाया है। उस दिन उससे दोबारा गहन पूछताछ होगी। एजेंसी को उम्मीद है कि मोबाइल से मिले सबूत और कलामुद्दीन के बयान से नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल उसे आरोपी नहीं, संदिग्ध के तौर पर देखा जा रहा है। देश में मानव तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं।
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कंबोडिया, लाओस और म्यांमार में भारतीय युवकों को बंधक बनाकर रखा गया। विदेश मंत्रालय ने पिछले साल 500 से ज्यादा युवकों को रेस्क्यू किया था। NIA अब उसी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना चाहती है। NIA के अधिकारी ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क की जांच कर रहे हैं। मोतिहारी में एक संदिग्ध से पूछताछ हुई है। उसका मोबाइल जब्त किया गया है। 13 जुलाई को उसे पटना बुलाया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी की भूमिका तय होगी।


