उत्तर प्रदेश के नोएडा में कई फैक्ट्री के मजदूर सड़कों पर उतरे हैं। लोग हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। नोएडा फेज 2 में कई सरकारी वाहनों को निशाना बनाया गया है, कई इमारतों को निशाना बनाया गया है। मजदूरों ने पुलिस पर पथराव भी किया है। पुलिस और प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ गईं हैं। चिल्ला बॉर्डर जाम है, वहां से लोगों का गुजरना मुश्किल है, सड़कें बंद हैं, प्रदर्शनकारी गाड़ियों की आवाजाही रोक दे रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह नक्सलवाद को जिंदा करने की कोशिश है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में शनिवार देर रात एक अहम बैठक बुलाई थी, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि मजदूरों का कल्याण, उनकी सरकार की प्राथमिकता है, ऐसे कुछ ताकते हैं जो मजदूरों को बरगलाकर अशांति फैलाना चाह रहे हैं, जिसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
 

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नोएडा में क्या हो रहा है?

नोएडा के फेज-2 में मजदूरों का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। हजारों मजदूरों ने लंबे समय से लंबित वेतन इजाफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सुबह से ही मजदूर सड़कों पर हैं, तोड़फोड़ कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने भीषण हिंसा की है। लोगों ने गाड़ियों में आग लगाई है, पथराव किया है, सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

योगी सरकार ने क्या चिंता जताई है?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मजदूरों की भलाई सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन कुछ ताकतें इस आंदोलन का फायदा उठाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीएम योगी ने रविवार रात लखनऊ में उच्चस्तरीय बैठक की। 

सीएम योगी ने कहा, 'देश में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन इसे फिर से जिंदा करने की कोशिश एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है।' सीएम योगी ने कहा है कि आंदोलन को गुमराह किया जा रहा है, उपद्रवी शामिल हो सकते हैं। 

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सीएम ने क्या प्लान बनाया है?

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 24 घंटे के अंदर उद्योग संघों, मालिकों और मजदूरों से सीधा संवाद करें। मजदूरों की शिकायतों को जल्दी, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सुलझाया जाए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और खुफिया तंत्र को सक्रिय करने के निर्देश दिए। 

सीएम योगी ने कहा है कि किसी भी भड़काऊ गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने सभी औद्योगिक इकाइयों को मजदूर कानूनों का पालन करने और उचित वेतन, सुरक्षित कामकाजी हालात और बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया। 

कहां है अलर्ट?

प्रशासन ने गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर जैसे औद्योगिक इलाकों में अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और कहा है कि प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल की जा रही है।