नोएडा फेज-2 में सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर उतरे हैं और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्नशन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन अब हिंसक हो गया है। फेज़2 में प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों और संपत्तियों में तोड़फोड़ की है, पत्थरबाजी की है। कई गाड़ियों को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया है। यहां एक कंपनी में काम कर रहे कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी की अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए थे। स्थिति को काबू में करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
नोएडा में फैक्ट्री मजदूर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने रविवार को मजदूरों से बात की थी। नोएडा प्रशासन ने फैक्टरियों में हर मजदूर को हफ्ते में एक अनिवार्य छुट्टी देने, ओवरटाइम पर दोगुना वेतन देने और साप्ताहिक छुट्टी पर काम करने पर भी डबल पे देने का एलान किया था। हर साल का बोनस 30 नवंबर से पहले देना अनिवार्य कर किया था। मजदूर कंपनियों और प्रशासन से असंतु्ष्ट नजर आ रहे हैं।
नोएडा में हॉजरी कॉम्प्लेक्स, फेज-2 के हजारों मजदूर शुक्रवार से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सही मुआवजा, बेहदतर सुविधा, मजदूरी और सुरक्षा दी जाए। प्रदर्शन के दौरान कुछ मजदूरों ने पुलिस पर पथराव भी किया था। मजदूर डी ब्लॉक में जमा हैं, दादरी रोड की तरफ भी मार्च कर रहे हैं। मजदूरों के प्रदर्शन से ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन रही है।
जिला मजिस्ट्रेट ने क्या कहा है?
नोएडा की DM मेधा रूपम ने कहा है, 'सभी मजदूर काम पर लौटें। अपने काम करें। जिला में कानून व्यवस्था का पालन करें। अफवाहों पर न ध्यान दें, न फैलने दें।'
प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियां फूंक दी हैं। Photo Credit: PTI
विपक्ष ने क्या कहा है?
उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'अन्याय महंगाई, बेरोजगारी बढ़ाकर हो रहा है। नोएडा में जो हुआ उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की और सरकार की है। मजदूरों की मांग की सरकार ने सुनवाई क्यों नहीं की? अन्य प्रदेशों में जब मजदूरों का वेतन बढ़ गया तो उत्तर प्रदेश की सरकार पीछे क्यों है?'
नोएडा के फेज-2 होजरी कॉम्प्लेक्स में इन दिनों मजदूरों का बड़ा प्रदर्शन चल रहा है। फैक्टरियों में काम करने वाले सैकड़ों मजदूर पिछले तीन दिनों से सड़कों पर उतर आए हैं। मजदूर चाहते हैं कि न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी जाए। मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में उनका गुजारा मुश्किल हो गया है। चाय, राशन, गैस सिलेंडर और कमरे का किराया सब महंगा हो गया है, लेकिन कंपनियों ने इस बार सिर्फ 250 से 350 रुपये तक ही सालाना बढ़ोतरी दी है। कई जगह न्यूनतम वेतन अभी भी बहुत कम है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल पड़ रहा है।
कर्मचारियों और मजदूरों के प्रदर्शन की एक बड़ी वजह हरियाणा में हाल ही हुई वेतन बढ़ोतरी है। हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो अप्रैल 2026 से लागू हो गई है। नोएडा के मजदूर अब बराबर वेतन की मांग कर रहे हैं, क्योंकि दोनों जगह की फैक्टरियां लगभग एक जैसे काम करती हैं। गुरुग्राम में प्रदर्शन के बाद अब यह मुद्दा नोएडा में भी गरमा गया है।
क्या चाहते हैं मजदूर?
मजदूर ओवरटाइम पर डबल भुगतान, साप्ताहिक छुट्टी, लिखित रूप में वेतन बढ़ोतरी की गारंटी और नौकरी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही नए श्रम कानूनों को भी मजदूर विरोधी बताते हुए इसका विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने सड़क जाम कर दिया और मार्च निकाला। कुछ जगहों पर पुलिस से टकराव भी हुआ और लाठीचार्ज की खबरें आईं हैं। हालात तनावपूर्ण हैं, भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया है।
नोएडा प्रशासन ने कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है कि वेतन में देरी न हो, लेऑफ न करें और मजदूरों के अधिकारों का पूरा सम्मान करें। वेतन बढ़ाने को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है। यह आंदोलन, देशभर में फैल सकता है। देश भर में मजदूर वर्ग महंगाई, वेतन और श्रम कानूनों के मुद्दे पर अपना असंतोष जता रहा है।
क्या मांगे मानी गईं हैं?
प्रशासन इस बात पर सहमत हुआ है कि मजदूरों का सैलरी हर महीने की 10 तारीख तक देनी होगी। प्रशासन ने फैक्टरियों को मजदूरों के लिए मेडिकल कवर, सुरक्षित काम करने का माहौल और महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतों के लिए महिला अध्यक्ष वाली कमिटी बनाने के निर्देश दिए हैं। ये फैसले नोएडा अथॉरिटी के सेक्टर-6 ऑफिस में हुई बैठक में रविवार को लिए गए थे।