logo

मूड

ट्रेंडिंग:

जगह-जगह आगजनी, भड़के मजदूर, पुलिस से झड़प, क्यों सुलग उठा है नोएडा फेज-2?

नोएडा फेज-2 में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कुछ कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। यहां अचानक हंगामा भड़क गया है। कई गाड़ियां आग के हवाले कर दी गईं हैं।

Noida

नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है। Photo Credit: ANI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

नोएडा फेज-2 में सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर उतरे हैं और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्नशन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन अब हिंसक हो गया है। फेज़2 में प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों और संपत्तियों में तोड़फोड़ की है, पत्थरबाजी की है। कई गाड़ियों को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया है। यहां एक कंपनी में काम कर रहे कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी की अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए थे। स्थिति को काबू में करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। 

नोएडा में फैक्ट्री मजदूर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने रविवार को मजदूरों से बात की थी। नोएडा प्रशासन ने फैक्टरियों में हर मजदूर को हफ्ते में एक अनिवार्य छुट्टी देने, ओवरटाइम पर दोगुना वेतन देने और साप्ताहिक छुट्टी पर काम करने पर भी डबल पे देने का एलान किया था। हर साल का बोनस 30 नवंबर से पहले देना अनिवार्य कर किया था। मजदूर कंपनियों और प्रशासन से असंतु्ष्ट नजर आ रहे हैं। 

यह भी पढ़ें: नोएडा में पानी का गढ्ढा बना एक और मौत की वजह, 23 साल का कॉलेज स्टूडेंट डूबा

क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं मजदूर?

नोएडा में हॉजरी कॉम्प्लेक्स, फेज-2 के हजारों मजदूर शुक्रवार से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सही मुआवजा, बेहदतर सुविधा, मजदूरी और सुरक्षा दी जाए। प्रदर्शन के दौरान कुछ मजदूरों ने पुलिस पर पथराव भी किया था। मजदूर डी ब्लॉक में जमा हैं, दादरी रोड की तरफ भी मार्च कर रहे हैं। मजदूरों के प्रदर्शन से ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन रही है। 

 

 

कहां हो रहा है प्रदर्शन?

नोएडा के फेज-2 होजरी कॉम्प्लेक्स में इन दिनों मजदूरों का बड़ा प्रदर्शन चल रहा है। फैक्टरियों में काम करने वाले सैकड़ों मजदूर पिछले तीन दिनों से सड़कों पर उतर आए हैं। मजदूर चाहते हैं कि न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी जाए। मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में उनका गुजारा मुश्किल हो गया है। चाय, राशन, गैस सिलेंडर और कमरे का किराया सब महंगा हो गया है, लेकिन कंपनियों ने इस बार सिर्फ 250 से 350 रुपये तक ही सालाना बढ़ोतरी दी है। कई जगह न्यूनतम वेतन अभी भी बहुत कम है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल पड़ रहा है। 

यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा: 20 गाड़ियों में भर दिया पानी वाला पेट्रोल, इंजन हो गया सीज

प्रदर्शन की असली वजह क्या है?

कर्मचारियों और मजदूरों के प्रदर्शन की एक बड़ी वजह हरियाणा में हाल ही हुई वेतन बढ़ोतरी है। हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो अप्रैल 2026 से लागू हो गई है। नोएडा के मजदूर अब बराबर वेतन की मांग कर रहे हैं, क्योंकि दोनों जगह की फैक्टरियां लगभग एक जैसे काम करती हैं। गुरुग्राम में प्रदर्शन के बाद अब यह मुद्दा नोएडा में भी गरमा गया है। 

क्या चाहते हैं मजदूर?

मजदूर ओवरटाइम पर डबल भुगतान, साप्ताहिक छुट्टी, लिखित रूप में वेतन बढ़ोतरी की गारंटी और नौकरी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही नए श्रम कानूनों को भी मजदूर विरोधी बताते हुए इसका विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने सड़क जाम कर दिया और मार्च निकाला। कुछ जगहों पर पुलिस से टकराव भी हुआ और लाठीचार्ज की खबरें आईं हैं। हालात तनावपूर्ण हैं, भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया है।

यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में फिर बारिश, खेतों में खड़ी फसल से किसानों की बढ़ी टेंशन

प्रशासन ने क्या किया है?

नोएडा प्रशासन ने कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है कि वेतन में देरी न हो, लेऑफ न करें और मजदूरों के अधिकारों का पूरा सम्मान करें। वेतन बढ़ाने को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है। यह आंदोलन, देशभर में फैल सकता है। देश भर में मजदूर वर्ग महंगाई, वेतन और श्रम कानूनों के मुद्दे पर अपना असंतोष जता रहा है।  

क्या मांगे मानी गईं हैं?

प्रशासन इस बात पर सहमत हुआ है कि मजदूरों का सैलरी हर महीने की 10 तारीख तक देनी होगी। प्रशासन ने फैक्टरियों को मजदूरों के लिए मेडिकल कवर, सुरक्षित काम करने का माहौल और महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतों के लिए महिला अध्यक्ष वाली कमिटी बनाने के निर्देश दिए हैं। ये फैसले नोएडा अथॉरिटी के सेक्टर-6 ऑफिस में हुई बैठक में रविवार को लिए गए थे।


और पढ़ें