संजय सिंह, पटना। बिहार में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस की एक और भयावह तस्वीर सामने आई है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में टेंडर विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया, जहां अंधाधुंन फायरिंग में बिहार सरकार के एक कार्यपालक पदाधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
टेंडर को लेकर हुई गोलीबारी
जानकारी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर चल रहे एक सरकारी टेंडर को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था। इसी विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि दो पक्षों के बीच बहस अचानक गोलीबारी में बदल गई। अपराधियों ने खुलेआम कई राउंड फायरिंग की, जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फायरिंग इतनी तेज और अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग संभल ही नहीं पाए। घटना के दौरान अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गोलीबारी में एक अन्य अधिकारी के घायल होने की भी सूचना मिली है।
सुल्तानगंज क्षेत्र में तनाव व्याप्त
सुल्तानगंज क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। हालात को देखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान करने के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो रहा है कि घटना पूर्व नियोजित हो सकती है। टेंडर को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा और दबदबा कायम करने की कोशिश इस हत्या की बड़ी वजह मानी जा रही है।
इस बीच, प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है, क्योंकि कुछ लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है और अस्पतालों में जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
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कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल
घटना ने एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी पदाधिकारी की दिनदहाड़े हत्या ने यह संकेत दिया है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। स्थानीय लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है, चाहे वह टेंडर की पृष्ठभूमि हो, आपसी रंजिश या फिर संगठित अपराध का कोण। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। तब तक पूरे राज्य की नजरें सुल्तानगंज पर टिकी हुई हैं, जहां गोलियों की गूंज ने प्रशासन और आम जनता दोनों को झकझोर कर रख दिया है।
