अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी केस की आंच अब चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव तक पहुंच रही है। राम मंदिर आंदोलन के अगुवा और विश्व हिंदू परिषद के संस्थापक रहे विनय कटियार ने दावा किया है कि हो सकता है चंपत राव, अनिल मिश्रा और गोपाल राव जेल जाएं। तीनों लोग अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, मोदी और योगी सरकार के गले की फांस बन गए हैं। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ, इन्हें बचाने की कोशिश कर रहा है। चंपत राय, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव हैं। गोपाल राव प्रशासक रहे हैं और अनिल मिश्रा पूर्व ट्रस्टी हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने संकेत दिया है कि वह अपनी भूमिका से हट सकते हैं। दान चोरी के आरोपों के बीच बढ़ती जांच और विपक्ष के दबाव के चलते उन्होंने अपने करीबी लोगों से कहा है कि अब उनकी अयोध्या में सेवा पूरी हो गई है। वह इस विवाद के कलंक के साथ आगे काम नहीं करना चाहते हैं। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने गुरुवार को अयोध्या में उनसे लंबी पूछताछ की।
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विनय कटियार:-
यह साफ है कि धन का गबन किया गया है। मैंने इस मामले पर मोदी जी से बात की है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा जेल जाएं।
पीएम मोदी से विनय कटियार ने क्या बात की है?
विनय कटियार ने कहा, 'यह साफ है कि पैसा हड़पा गया है। मैंने इस मामले पर मोदी जी से बात की, और उन्होंने पूछा कि भविष्य में क्या होगा। मैंने उनसे कहा कि सब ठीक हो जाएगा। हो सकता है कि आने वाले दिनों में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा जेल जाएं।
विनय कटियार:-
हमने उस जगह के लिए कुर्बानी दी है। हमारे सात या आठ लोग वहां शहीद हुए थे। राम जन्मभूमि मंदिर के लिए दान किए गए फंड के कथित गबन की जांच कर रही SIT टीम ने अपना कार्यकाल 15 दिन बढ़ा दिया है। जांच का यह दूसरा दिन है।
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SIT क्या कर रही है?
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को जांच के लिए 15 दिनों का वक्त दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अविनाश शुक्ला से पूछताछ की है। अविनाश शुक्ला, राम मंदिर में चढ़ावा की गिनती करने वाले सदस्यों में शामिल है। 25 जून को राम जन्म भूमि मंदिर में मिले दान को लेकर FIR दर्ज की गई थी।
SIT की रडार पर हैं चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव
SIT ने चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर अधिकारी गोपाल राव को दूसरी बार साथ में बिठाकर पूछताछ की। टीम ने करीब 8 घंटे तक मंदिर परिसर में जांच की। दान जमा करने की व्यवस्था, सुरक्षा और सबूतों की जांच की गई। 7 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के भविष्य पर फैसला हो सकता है।
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इस्तीफा दे चुके हैं चंपत राय और अनिल मिश्रा
चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। अब चंपत राय की गिरफ्तारी की ओर विनय कटियार ने इशारा किया है।
अयोध्या दान चोरी केस का नया बवाल क्या है?
रामकोट के राम निवास मंदिर के पंच प्रमुख हरि शंकर सफारीवाला ने चंपत राय पर मंदिर पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने भी चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ FIR की मांग की है।विपक्ष ने हमला तेज कर दिया है। विवादों के बीच अब FIR और गिरफ्तारी तक भी बात जा सकती है।
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अब आगे क्या?
अरविंद केजरीवाल , अखिलेश यादव और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी से जवाब मांगा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। अखिलेश यादव ने कहा कि इस घोटाले से भाजपा को न दान मिलेगा, न वोट। जांच में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से लाखों रुपये नकद, सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा बरामद हुई है।


