उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुलायम सिंह यादव के परिवार का नाम हमेशा से सुर्खियों में रहा है। एक बार फिर स्वर्गीय मुलायम सिंह चर्चा के केंद्र में हैं। चर्चा की वजह उनकी राजनीति नहीं, बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ है। जहां एक तरफ उनके दूसरे बेटे प्रतीक यादव का निधन हुआ, वहीं दूसरी तरफ यह चर्चा तेज हो गई कि प्रतीक, उनकी मां साधना गुप्ता का मुलायम सिंह की कहानी क्या थी। प्रतीक यादव के जन्म के 19 साल बाद मुलायम सिंह ने उन्हें अपना बेटा माना था।
प्रतीक यादव की तबीयत खराब होने की वजह से 13 मई को मृत्यु हो गई। वह समाजवादी पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे। प्रतीक यादव ने अपने पूरे जीवन में राजनीति में करियर नहीं बनाया था। उन्हें राजनीतिक दांव-पेच ज्यादा पसंद नहीं थे, इसी वजह से वह राजनीति का हिस्सा नहीं बने। हालांकि, प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव बीजेपी की नेता और महिला आयोग की अध्यक्ष हैं।
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कौन हैं साधना गुप्ता और क्या हैं उनकी प्रेम कहानी?
साधना गुप्ता पहली बार अस्सी के दशक में मुलायम सिंह से मिली थीं। इसके बाद वह समाजवादी पार्टी में एक कार्यकर्ता बनीं। उनके काम और विचारों से मुलायम सिंह बेहद प्रभावित थे। पार्टी में शामिल होने के बाद साधना गुप्ता और मुलायम सिंह की अच्छी दोस्ती हो गई थी। दोनों एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ देते थे।
उस दौरान मुलायम सिंह की मां मूर्ति देवी की तबीयत खराब हुई तो उन्हें लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय साधना हर रोज अस्पताल जाकर मूर्ति देवी की सेवा करती थीं। यह देखकर मुलायम सिंह बेहद खुश हुए, जिसके बाद धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम हो गया। साधना गुप्ता और मुलायम सिंह के बीच लगभग 20 साल का उम्र का फासला था। साथ ही मुलायम सिंह पहले से शादीशुदा थे, इसी वजह से उन्होंने कई सालों तक अपने रिश्ते को छिपाकर रखा।
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प्रतीक के जन्म के बाद भी रिश्ता छिपाया
मुलायम सिंह और साधना गुप्ता के यहां साल 1988 में बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम प्रतीक यादव रखा गया। प्रतीक के जन्म के बावजूद मुलायम सिंह ने उन्हें सबके सामने अपना बेटा नहीं माना था। हालांकि, कहा जाता है कि प्रतीक की पूरी जिम्मेदारी मुलायम सिंह ही उठाते थे। फिर भी जब तक उनकी पहली पत्नी यानी अखिलेश यादव की मां जब तक जिंदा थीं तब तक मुलायम ने साधना गुप्ता को सार्वजनिक तौर पर अपनी पत्नी कभी नहीं माना।
19 साल बाद माना अपना बेटा
साल 2003 में मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी का निधन हो गया था। इसके बाद साधना गुप्ता ने पत्नी का दर्जा मांगा। फिर 2007 में कानूनी प्रक्रिया के जरिए मुलायम सिंह ने साधना को अपनी पत्नी का दर्जा दिया और साथ ही प्रतीक यादव को दुनिया के सामने अपना बेटा स्वीकार किया। जानकारी के लिए बता दें कि जुलाई 2022 में साधना गुप्ता का निधन हो गया था। उसी साल अक्टूबर में मुलायम सिंह यादव का भी निधन हो गया।
