अपनी शांति और खूबसूरती के लिए पहचाने जाने वाले शहर चंडीगढ़ में पिछले 24 घंटों के भीतर हुई फायरिंग की दो बड़ी वारदातों ने पुलिस प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। बुधवार को सेक्टर-9 के एक पॉश इलाके में दिनदहाड़े एक 31 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर की अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मुल्लांपुर निवासी चरणप्रीत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह एक सुनियोजित हत्या का मामला लग रहा है।
वारदात उस समय हुई जब चरणप्रीत सेक्टर-9 स्थित एक जिम में अपना वर्कआउट खत्म कर बाहर निकले और अपनी कार को चलाकर उसे निकाल रहे थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया। हमलावरों ने बेखौफ होकर करीब 11 राउंड फायरिंग की जिससे चरणप्रीत की कार के शीशे चकनाचूर हो गए और उन्हें कई गोलियां लगीं। लहूलुहान हालत में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमलावर वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार होने में सफल रहे।
यह भी पढ़ें: पुणे में आवारा कुत्तों का आतंक, एक ही दिन में 13 को काटा, एक महिला की मौत
शुरुआती पुलिस जांच से पता चला है कि हमलावर चरणप्रीत की हरकतों पर नजर रख रहे थे। उन्हें पता था कि वह आमतौर पर जिम से कब निकलता है। जैसे ही वह अपनी कार के पास पहुंचा हमलावरों ने मौका पाकर गोली चला दी। सेक्टर 11 थाने की पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मौके पर मौजूद फोरेंसिक टीम ने कार और आस-पास के इलाके से इस्तेमाल किए गए कारतूस और दूसरे जरूरी सबूत इकट्ठा किए।
हमलावरों की पहचान के लिए जिम के बाहर लगे कैमरों और सड़क पर लगे CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे आपसी दुश्मनी और बिजनेस विवाद समेत सभी एंगल से जांच कर रहे हैं। इन घटनाओं से यह साबित होता है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो रहा है।
यह भी पढ़ें: 'लापता लोगों पर स्टडी करिए', संसदीय समिति ने दिल्ली पुलिस से ऐसा क्यों कहा?
24 घंटे में दूसरी फायरिंग से बढ़ी चिंता
हैरानी की बात यह है कि इस हत्या से कुछ ही घंटे पहले शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) कैंपस में भी गोलियां चली थीं। वहां एक स्कूटर पर सवार होकर आए चार हमलावरों ने एक छात्र नेता को निशाना बनाया। हमलावरों ने छात्र का पीछा करते हुए तीन राउंड फायरिंग की, हालांकि छात्र ने भागकर अपनी जान बचा ली। पुलिस का मानना है कि यूनिवर्सिटी में हुई घटना पुरानी रंजिश या छात्र राजनीति का नतीजा हो सकती है लेकिन 24 घंटे में दो बार हुई फायरिंग ने पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
