logo

मूड

ट्रेंडिंग:

पुणे में आवारा कुत्तों का आतंक, एक ही दिन में 13 को काटा, एक महिला की मौत

महाराष्ट्र के पुणे जिले के चाकन इलाके में कुत्तों के झुंड ने एक महिला को मार डाला। उसी दिन कुत्तों ने इलाके के 13 और लोगों को भी काटकर घायल कर दिया।

representative image of Stray dogs

प्रतीकात्मक तस्वीर। (AI Generated Image)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

महाराष्ट्र के पुणे जिले के चाकन इलाके में आवारा कुत्तों के आतंक ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुणे-नासिक हाईवे के पास तड़के काम से लौट रही एक 32 वर्षीय महिला पर आवारा कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि उसी दिन इलाके में 13 अन्य लोग भी कुत्तों के काटने से घायल हुए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा व्याप्त है।

 

मृतक महिला की पहचान शोभा विजय वाघमारे के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नांदेड़ की रहने वाली थीं। पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार तड़के करीब 2 बजे की है जब शोभा ड्यूटी के बाद अपने घर की ओर जा रही थीं। अचानक 6-7 आक्रामक कुत्तों ने उन्हें घेर लिया और शरीर के कई हिस्सों पर बुरी तरह नोच डाला। ज्यादा खून बह जाने के कारण महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सुबह जब राहगीरों ने क्षत-विक्षत हालत में शव देखा तब जाकर इस खौफनाक घटना का पता चला।

 

यह भी पढ़ें: 'लापता लोगों पर स्टडी करिए', संसदीय समिति ने दिल्ली पुलिस से ऐसा क्यों कहा?

 

चाकन में कुत्तों का आतंक केवल इस एक घटना तक सीमित नहीं रहा। सोमवार की सुबह ही इलाके के अलग-अलग हिस्सों में कुत्तों ने तांडव मचाते हुए 13 अन्य लोगों को बुरी तरह काटकर घायल कर दिया। सभी घायलों को इलाज के लिए चाकन ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से आवारा कुत्तों की संख्या 40 के पार पहुंच गई है। जनवरी में भी इसी क्षेत्र में करीब 25-30 लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया था लेकिन बार-बार की चेतावनी के बावजूद प्रशासन मौन रहा।

घरों में कैद हुए बच्चे

इस घटना के बाद से चाकन की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय निवासियों में इस कदर खौफ है कि लोगों ने रात और तड़के घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है। अभिभावकों ने बच्चों को पार्क या सड़कों पर खेलने भेजने से मना कर दिया है। लोगों का आरोप है कि इलाके में स्ट्रीट लाइट की भारी कमी है, जिसका फायदा उठाकर कुत्तों के झुंड अंधेरे में घात लगाकर हमला करते हैं। महिलाओं का कहना है कि अब उन्हें अकेले बाजार जाने में भी डर लगने लगा है।

 

यह भी पढ़ें: आधी रात को पुलिस की गलत रेड और सीने में गोली से दहला मुजफ्फरपुर

 

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर परिषद को कई बार शिकायतें दी गईं लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। कुछ लोगों का मानना है कि इलाके में स्थित चिकन-मटन की दुकानों से निकलने वाले मांस के अवशेषों को खुले में फेंकना इस समस्या की मुख्य वजह है। इससे कुत्ते अधिक आक्रामक और हिंसक हो रहे हैं। हालांकि, घटना के बाद नगर परिषद ने देर रात कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया लेकिन अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उनके पास पकड़े गए कुत्तों को रखने के लिए पर्याप्त शेल्टर होम नहीं हैं।


और पढ़ें