संजय सिंह, पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां पुलिस की एक कथित लापरवाही ने एक बेगुनाह शख्स की जान ले ली। गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनियां गांव में मंगलवार की आधी रात को उस वक्त कोहराम मच गया जब पुलिस की छापेमारी के दौरान चली गोली से 55 वर्षीय जगतवीर राय की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है और ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
पूरी घटना रात के करीब 12 बजे शुरू हुई। पुलिस की टीम भिखारी राय नाम के किसी शख्स को पकड़ने गांव आई थी लेकिन गांव वालों का कहना है कि पुलिस रास्ता भटक गई और गलत घर में घुस गई। पुलिस ने असली आरोपी की जगह अजय राय नाम के एक लड़के को जबरदस्ती पकड़ लिया। जब घर वालों ने इसका विरोध किया और पुलिस से उनकी पहचान पूछी तो बात बढ़ गई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
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सिविल ड्रेस में हुई अचानक फायरिंग
सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि थानेदार साहब पुलिस की ड्रेस में नहीं थे, जिससे गांव वाले समझ ही नहीं पाए कि वे असली पुलिसवाले हैं। बहस के दौरान पुलिस ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। लोगों का कहना है कि पुलिस ने अजय राय को मारने के लिए गोली चलाई लेकिन वह बच गया और गोली पास खड़ी भैंस को जा लगी। इसी बीच, जब जगतवीर राय बीच-बचाव करने आए तो तीसरी गोली सीधे उनके सीने में लग गई और उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया।
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जगतवीर की मौत की खबर मिलते ही पूरा गांव सड़कों पर उतर आया। लोगों ने शव को रखकर जोरदार हंगामा किया और दोषी पुलिसवालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। गांव वालों का कहना है कि जिस परिवार पर पुलिस ने हमला किया, उनका किसी भी केस से कोई लेना-देना नहीं था। दूसरी तरफ, पुलिस का कहना है कि उन्होंने खुद को बचाने के लिए गोली चलाई। फिलहाल गांव में पुलिस का कड़ा पहरा है। माहौल अब भी काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।