केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पंजाब में बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के साथ किसी समझौते की अफवाहों पर विराम लगाते हुए शाह ने कहा कि अब बीजेपी पंजाब में 'छोटा भाई' नहीं बनेगी।
मोगा जिले के किल्ली चहलां गांव में 'बदलाव रैली' को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, 'पहले हम आपके सामने छोटे साथी के रूप में आते थे। लेकिन आज से बीजेपी पंजाब में अपनी अलग सरकार बनाने की मुहिम शुरू कर रही है। आपने कांग्रेस, अकाली और आप को आजमाया, अब हमें एक मौका दीजिए।'
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उठाया धर्म परिवर्तन का मुद्दा
शाह ने बीजेपी के 2024 लोकसभा चुनाव में पंजाब में 19% वोट मिलने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘इसी 19% वोट से पार्टी ने असम, हरियाणा, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में सरकार बनाई है। अब पंजाब में भी ऐसा ही होगा।’
हिंदू और शहरी वोटरों को साधने के लिए शाह ने बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो पहला कानून जबरन धर्म परिवर्तन रोकने वाला होगा। यह बिल एक महीने के अंदर लाया जाएगा। शाह ने आरोप लगाया कि सिख गुरुओं ने जबरन धर्म बदलने के खिलाफ बलिदान दिए, लेकिन कांग्रेस और आप ऐसे लोगों को वोट बैंक मानते हैं।
भगवंत मान को बताया पायलट
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सिर्फ अरविंद केजरीवाल के पायलट हैं। उनका काम पंजाब के सरकारी हेलीकॉप्टर से केजरीवाल को पूरे देश में घुमाना है। पंजाब का खजाना आप पार्टी के लिए एटीएम बन गया है।
ड्रग्स की समस्या पर शाह ने कहा, ‘देश में 45% हेरोइन तस्करी पंजाब से जुड़ी है। बीजेपी सरकार बनने पर दो साल में इस कारोबार को पूरी तरह खत्म कर देंगे। उन्होंने नक्सलवाद और अनुच्छेद 370 हटाने जैसे कदमों का उदाहरण दिया।’
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SAD के साथ लड़ती थी चुनाव
बीजेपी पिछले 20 साल से एसएडी की छोटी साथी थी और आमतौर पर 23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी। 2020 में कृषि कानूनों के कारण गठबंधन टूट गया। 2022 में बीजेपी ने 73 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन सिर्फ 2 जीतीं और वोट शेयर 6.6% रहा। आम आदमी पार्टी ने 92 सीटें जीतीं लेकिन पिछले दो साल में कांग्रेस और एसएडी से कई लोग बीजेपी में शामिल हुए हैं, जिससे पार्टी मजबूत हुई है।
शाह ने वादा किया कि बीजेपी सरकार डबल इंजन (केंद्र और राज्य) से पंजाब को ड्रग्स और कर्ज से मुक्ति दिलाएगी। रैली मालवा इलाके में हुई, जो राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।
