आम आदमी पार्टी (AAP) से बगावत करने वाले सात राज्यसभा सांसद अब आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद बन गए हैं। इन सांसदों के आने से बीजेपी को राज्यसभा में मजबूती मिली है तो वहीं AAP को पंजाब की चिंता सताने लगी है। पंजाब में AAP की सरकार है लेकिन कई नेता पार्टी में असहज बताए जा रहे हैं। असहज होने के पीछे वजहें भी साफ हैं। किसी पर अपनी ही सरकार की पुलिस की नजर है तो किसी का मंत्री पद छिन गया, तो किसी की मंत्री बनने की इच्छा अधूरी रह गई और किसी पर अशोक मित्तल की तरह ईडी की पैनी नजर है। कांग्रेसी कह रहे हैं कि महाराष्ट्र से फ्लाइट आएगी और AAP की सरकार उसमें बैठ जाएगी यानी सरकार गिर जाएगी। अब यह अटकलें क्यों लग रही हैं और कौन हैं वह विधायक जिनको लेकर अटकलें लग रही हैं?
पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले कथित सुपर सीएम राघव चड्ढा और रणनीतिकार संदीप पाठक अब बीजेपी में शामिल हो गए। अपने साथ वह पार्टी के अन्य सांसदों को भी ले गए। अब सबकी नजरें विधायकों पर टिकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सांसदों का जाना पार्टी के विधायकों पर भी असर कर सकता है। इसके पीछे वजह पार्टी से नाराजगी और चड्ढा-पाठक से करीबी है।
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कौन विधायक हैं नाराज?
आम आदमी पार्टी के कुछ विधायक अपनी ही सरकार से नाराज चल रहे हैं। इन विधायकों की लिस्ट में सबसे पहले नाम अमृतसर से AAP के विधायक और पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप का है। वह लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। बरगाड़ी कांड को लेकर वह लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोल रखा है। उन्हें अगले चुनाव में पार्टी टिकट दे इसकी संभावना बहुत कम नजर आ रही है। ऐसे में बीजेपी के लिए वह एक आसान टारगेट हो सकते हैं।
अनमोल गगन मान पहले भी छोड़ चुकीं पार्टी
AAP का एक प्रमुख महिला चेहरा और खरड़ से विधायक अनमोल गगन मान भी पार्टी से नाराज थीं। उनकी कैबिनेट से छुट्टी कर दी गई थी। उन्हें लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद सितंबर 2024 में पद से हटाया गया और मंत्री पद से हटाए जाने के बाद वह कुछ दिन मुखर भी रहीं। वह कैबिनेट में पर्यटन और संस्कृति मंत्री का कार्यभार संभाल रही थीं। इसके बाद अनमोल गगन मान ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, पार्टी की प्रदेश यूनिट के प्रधान अमन अरोड़ा के मनाने पर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा वापस लिया। हालांकि, अब पार्टी के साथ चल रही हैं।
9 पूर्व मंत्री जिन पर हो सकती है नजर
आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद कैबिनेट में कई बार बदलाव हुआ है। सबसे हालिया मामला लालजीत सिंह भुल्लर का है। वह कभी जेल मंत्री हुआ करते थे लेकिन अब खुद जेल में हैं। एक अधिकारी की आत्महत्या मामले में वह जांच का सामना कर रहे हैं। उनके पास ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट भी था।
इनके अलावा विजय सिंगला भी बीजेपी के लिए आसान टारगेट हो सकते हैं। उन्हें तो सरकार बनने के मात्र दो महीने बाद सीएम भगवंत मान ने कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उन पर सरकारी ठेकों में 1 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप था। भ्रष्टाचार के इन आरोपों को खिलाफ उन्हें कैबिनेट से बाहर कर दिया गया था। उनके लिए यह काफी असहज स्थिति थी। इनके अलावा चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी को भी कैबिनेट से बाहर का रास्त दिखा दिया गया था।
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टिकट कटने का डर
नाराज मंत्री और विधायकों के अलावा भी कई विधायक ऐसे हैं जो दबे स्वर में पार्टी के खिलाफ बोलते हैं। कई विधायक ऐसे बताए जा रहे हैं जो पार्टी में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। पार्टी के कई विधायकों की नाराजगी है कि जब वह विवादों में फंसे तो पार्टी ने उनका साथ नहीं दिया। पार्टी अगले विधानसभा चुनावों से पहले अपने लेवल पर सर्वे करवा रही है और कई विधायकों को टिकट कटने का डर है। AAP से बीजेपी में गए संदीप पाठक और राघव चड्ढा के पास इन सभी की जानकारी है। वह आसानी से ऐसे विधायकों को संपर्क कर अपनी ओर कर सकते हैं।
