हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के खिलाफ बीजेपी सांसद रेखा शर्मा द्वारा दिए गए एक विवादित बयान ने पूरे प्रदेश में बवाल खड़ा कर दिया है। सांसद ने सार्वजनिक रूप से भजनलाल को 'बदमाश' कहा, जिससे नाराज होकर भजनलाल और कुलदीप बिश्नोई के समर्थकों ने आज प्रदेश के 16 जिलों में पुलिस थानों में शिकायतें दी हैं। इन शिकायतों में रेखा शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। समर्थकों ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

 

आज हरियाणा के भिवानी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूंह, अंबाला, पंचकूला, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर और चरखी दादरी में भारी संख्या में समर्थक इकट्ठा हुए। इन सभी जिलों में समर्थकों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को सांसद के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने नेता का अपमान सहन नहीं करेंगे।

 

यह भी पढ़ें: 'गरीब की पीठ पर यादवों की लाठी...', अखिलेश पर क्यों भड़क गए ओम प्रकाश राजभर?

एफआईआर की तैयारी

विरोध प्रदर्शन का यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है। समर्थकों ने साफ कर दिया है कि जिन जिलों में आज शिकायत नहीं दी गई है, वहां कल यानी 2 मई को भारी संख्या में समर्थक जुटेंगे और पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाएंगे। समर्थकों की योजना पूरे हरियाणा में इस मुद्दे को उठाने की है ताकि सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

क्या हैं आरोप?

पुलिस को दी गई शिकायत में समर्थकों ने बताया कि राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने एक सार्वजनिक मंच से पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के लिए बहुत ही गलत और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने भजनलाल को 'बदमाश' कहकर संबोधित किया। समर्थकों का कहना है कि यह न सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान है बल्कि उनके दशकों लंबे राजनीतिक जीवन और सम्मान को जानबूझकर ठेस पहुंचाने की कोशिश है।

मर्यादा का दिया हवाला

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि चौधरी भजनलाल हरियाणा की राजनीति के एक बहुत बड़े और सम्मानित नेता रहे हैं। उनके मुख्यमंत्री रहते हुए हरियाणा ने विकास के बहुत से काम किए और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका मिला। ऐसे महान नेता के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐसी भाषा से समाज का आपसी भाईचारा खराब हो सकता है और कानून-व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

 

यह भी पढ़ें: उदयपुर यूनिवर्सिटी में 'फाइटर' गिलहरी का खौफ, झपटकर 18 को काटा

 

समर्थकों ने प्रशासन से कहा है कि बड़े नेताओं को अपनी भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। इस तरह की गलत भाषा को बर्दश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि सांसद के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज हो। अगर पुलिस ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो वे अपना आंदोलन और ज्यादा बड़ा करेंगे।