चंडीगढ़ में स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में 25 फरवरी बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब आईएएस अधिकारी हितेश कुमार मीणा के स्पेशल सीनियर सेक्रेटरी गणेश दास अरोड़ा ने बिल्डिंग की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। इस घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर सेक्टर-16 के अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया।
शुरुआती जांच और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गणेश दास अरोड़ा अपनी इंटरनल पोस्टिंग को लेकर काफी समय से परेशान चल रहे थे। बताया जा रहा है कि वह इसी साल अक्टूबर में रिटायर होने वाले थे लेकिन नई तैनाती से खुश नहीं थे। इसके पहले भी ऑफिस में इसी बात को लेकर कुछ बहस हुई थी, जिसके बाद उन्होंने ऐसा कदम उठाया।
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पहले भी की थी कोशिश
हैरानी की बात यह है कि गणेश दास ने करीब 15 दिन पहले भी इसी तरह जान देने की कोशिश की थी। उस वक्त मौके पर मौजूद प्रवीन नाम के एक अन्य कर्मचारी ने उन्हें गैलरी में कूदने से पहले ही पकड़कर पीछे खींच लिया था और एक बड़ा हादसा टल गया था।
उनके साथियों का कहना है कि वे अपनी शिकायत लेकर उच्च अधिकारियों के पास भी गए थे, लेकिन कोई समाधान न होने के कारण वे गहरे तनाव (डिप्रेशन) में थे।
पत्नी गवर्नर हाउस में हैं तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी भी मौके पर पहुंचीं, जो खुद हरियाणा गवर्नर हाउस में कार्यरत हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों और ऑफिस के विवाद की सच्चाई का पता लगाया जा सके।
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फिलहाल, इस घटना ने सचिवालय की सुरक्षा और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
