सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इन दिनों जेल में बंद हैं और उनकी सेहत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने उनकी बिगड़ती तबीयत पर गंभीर चिंता जताई है। बुधवार को अदालत ने केंद्र सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या वह सोनम वांगचुक की हिरासत पर दोबारा विचार कर रही है। कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख बताना होगा।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हिरासत में बंद किसी व्यक्ति की सेहत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने टिप्पणी की है कि सोनम वांगचुक की मेडिकल कंडीशन 'अच्छी नहीं' बताई जा रही है और ऐसे में यह देखना जरूरी है कि उनकी हिरासत जारी रखना कितना उचित है। कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या मौजूदा हालात में हिरासत को लेकर मानवीय आधार पर पुनर्विचार नहीं होना चाहिए।
केंद्र ने NSA के तहत हिरासत को बताया सही
केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया है और इस प्रक्रिया में कानून के सभी प्रावधानों का पालन किया गया है। केंद्र का कहना है कि वांगचुक के कुछ बयानों और गतिविधियों से संवेदनशील क्षेत्र में शांति व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका थी, इसी वजह से यह कदम उठाया गया।
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वहीं, सोनम वांगचुक की तरफ से पेश वकील ने केंद्र के तर्कों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक एक शिक्षाविद, रिसर्चर और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने हमेशा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी है। उनके बयानों को गलत संदर्भ में पेश किया गया और चुनिंदा तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
हिरासत में बिगड़ती सेहत, मेडिकल रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट की नजर
कोर्ट को यह भी बताया गया कि हिरासत के दौरान सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। उन्हें पेट से जुड़ी समस्याएं, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य शिकायतें हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया था और मेडिकल रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की जानी है। अदालत ने साफ संकेत दिया कि मेडिकल रिपोर्ट इस मामले में अहम भूमिका निभाएगी।
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लद्दाख आंदोलन से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ था जब लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन हुए थे। इन्हीं आंदोलनों के बाद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था। तब से उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर देशभर में बहस चल रही है। अब सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद सबकी नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सोनम वांगचुक की हिरासत जारी रहेगी या उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें राहत दी जाएगी।
