राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में एक स्कूल टीचर ने सातवीं क्लास के छात्र की डंडे से इतनी पिटाई की कि छात्र के हाथ की हड्डी टूट गई। घटना बानसूर के सनराइज पब्लिक स्कूल में 24 अप्रैल 2026 की सुबह हुई। बच्चे के शरीर पर डंडे के 15 से 20 निशान पाए गए हैं। उसकी हालत को देखते हुए पुलिस ने अब आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

 

यह घटना 24 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे की है। उस समय स्कूल में सभी बच्चे प्रार्थना कर रहे थे। तभी एक टीचर ने छात्र को लाइन से बाहर बुलाया। टीचर ने पास बुलाते ही डंडे से उसे मारना शुरू कर दिया। जब डर के मारे छात्र ने रोते हुए पूछा कि 'सर, मेरी क्या गलती है और आप मुझे क्यों मार रहे हो, तो टीचर ने गुस्से में कहा, 'तू पहले मार खा ले, क्यों मार रहा हूं यह बाद में बताऊंगा।'

 

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हाथ में हुआ फ्रैक्चर

टीचर ने छात्र को करीब 10 मिनट तक लगातार डंडे से पीटा। मार की गंभीरता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि छात्र के दाहिने हाथ से खून निकलने लगा। इसके बाद जब घरवाले बच्चे को डॉक्टर के पास ले गए और वहां एक्स-रे हुआ तो पता चला कि बच्चे के हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। बच्चे की कमर और पैरों पर भी डंडे के बहुत सारे निशान मिले हैं और वह बहुत ज्यादा दर्द में है।

 

यह घटना सुबह हुई थी लेकिन स्कूल वालों ने बच्चे के पिता को दोपहर 1:30 बजे फोन किया। जब पिता स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल ने उन्हें साफ-साफ कुछ नहीं बताया और मामले को स्कूल के अंदर ही सुलझाने की कोशिश की। जब घरवालों ने पुलिस के पास जाने की बात कही, तो स्कूल वालों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोपी टीचर ने भी अपनी गलती नहीं मानी और उल्टा घरवालों को कहा कि 'जाओ पुलिस केस कर दो, उसे कुछ नहीं होगा।'

 

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बहन के साथ भी हुई थी मारपीट

छात्र के पिता ने बानसूर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि इसी सनराइज स्कूल में साल 2021-22 में उनकी बेटी के साथ भी इसी तरह मारपीट की गई थी। एक ही परिवार के दो बच्चों के साथ एक ही स्कूल में ऐसी घटना होने की वजह से परिवार के लोग बहुत परेशान हैं। 

 

इस घटना के बाद से बच्चा बहुत ज्यादा डर गया है। उसने अपने माता-पिता से कह दिया है कि वह अब दोबारा उस स्कूल में कभी नहीं जाएगा। इस मामले को लेकर गांव के लोगों में भी बहुत गुस्सा है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस स्कूल को बंद किया जाए या इसकी मान्यता रद्द की जाए। साथ ही, दोषी टीचर को कड़ी सजा दी जाए ताकि आने वाले समय में किसी और बच्चे के साथ ऐसा न हो।