संजय सिंह, पटना: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला एक चौंकाने वाला मामला मधेपुरा जिले से सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने ही मृत भाई के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली और वर्षों से स्कूल में पढ़ा भी रहा है। अब जब इस पूरे मामले की लिखित शिकायत सामने आई है तो शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

 

यह मामला बिहार के मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड स्थित नव सृजित प्राथमिक विद्यालय कोल्हाय पट्टी का है। यहां तैनात शिक्षक राज कुमार राज उर्फ अजय कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने दिवंगत भाई के शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक पद पर नियुक्ति प्राप्त की। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस गड़बड़ी की चर्चा इलाके में होती रही लेकिन अब लिखित शिकायत सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है।

 

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SIR के बाद वोटर लिस्ट से खुली पोल

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2003-04 की वोटर लिस्ट में स्वर्गीय चंदेश्वरी यादव के तीन पुत्रों जयकुमार, राजकुमार राज और अजय कुमार का नाम दर्ज था। लेकिन वर्ष 2004 में राजकुमार राज की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद सरकारी अभिलेखों में भी उनका नाम धीरे-धीरे हट गया। हाल ही में 2025 में SIR में भी राजकुमार राज का नाम सूची से हटा दिया गया।

 

यहीं से पूरे मामले पर सवाल खड़े होने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि जो व्यक्ति पहले अजय कुमार के नाम से जाना जाता था वह अचानक राजकुमार राज उर्फ अजय कुमार कैसे हो गया। लोगों का आरोप है कि नियुक्ति के समय यदि दस्तावेजों की सही तरीके से जांच की गई होती तो यह कथित फर्जीवाड़ा पहले ही सामने आ जाता।

 

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ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की

स्थानीय निवासी गौतम कुमार का कहना है कि गांव में लंबे समय से इस बात की चर्चा थी कि शिक्षक की पहचान और उनके दस्तावेजों में गड़बड़ी है। अब जब रिकॉर्ड खंगाले गए तो मामला और गंभीर नजर आने लगा।

 

ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि संबंधित शिक्षक के सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और पहचान से जुड़े रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराई जाए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि किसी मृत व्यक्ति के नाम पर नौकरी हासिल करने जैसा मामला सच साबित होता है तो यह न केवल शिक्षा विभाग की लापरवाही को उजागर करेगा बल्कि सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल खड़ा करेगा। लोगों ने दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

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क्या बोले जिला शिक्षा पदाधिकारी

इस पूरे मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संजय कुमार ने कहा कि शिकायत की जानकारी मिली है और मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।