पूरा उत्तर भारत का मैदानी इलाका भीषण गर्मी की चपेट में है। लोगों को सुबह सात बजे से ही गर्मी के थपेड़े महसूस हो रहे हैं, जिससे बचने के लिए तमाम तरीके अपना रहे हैं। इस बीच मैदानी इलाकों में बढ़ते तापमान के बीच पर्यटक भागकर पहाड़ी इलाकों का रुख कर रहे हैं।  ऐसे में पर्यटकों के आने से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिल स्टेशनों का दम फूल रहा है।

 

पर्यटकों के शिमला पहुंचने से यहां भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला रहा है। ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि पिछले हफ्ते ही शिमला में 1.54 लाख से ज्यादा गाड़ियां आईं। पहाड़ों की रानी शिमला में ट्रैफिक जाम लग रहा है, पिछले तीन दिनों में ही करीब 70,000 गाड़ियां आ चुकी हैं।

 

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1 मई से अब तक आईं 6.31 लाख गाड़ियां

इतनी भारी मात्रा में वाहनों के आने से शिमला पुलिस को ट्रैफिक मैनेजमेंट के उपाय तेज करने पड़ रहे हैं। पुलिस ने बताया है कि 1 मई से अब तक करीब 6.31 लाख गाड़ियां शिमला में आ चुकी हैं।

70,000 गाड़ियां सिर्फ तीन दिनों में...

पुलिस ने बताया कि पिछले हफ्ते 154,450 गाड़ियां शहर में आईं, जिनमें से करीब 70,000 गाड़ियां सिर्फ पिछले तीन दिनों में आई हैं। शहर में रोजाना इतनी गाड़ियों के आने से दबाव बढ़ रहा है। शिमला के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अभिषेक ने कहा कि लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए, पुलिस ने ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक बड़ा प्लान बनाया है।

 

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ट्रैफिक संभालने को किए इंतजाम

उन्होंने कहा कि शहर भर में 32 इंस्पेक्शन गाड़ियां अलग-अलग रास्तों पर नजर रखने और ट्रैफिक से जुड़ी कोई भी दिक्कत होने पर तुरंत एक्शन लेने के लिए तैनात की गई हैं। इसके अलावा, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन पक्का करने और वीडियो के आधार पर नियमों का उल्लंघन पकड़ने के लिए इंटरसेप्टर गाड़ियां तैनात की गई हैं।

 

पुलिस के मुताबिक जून से पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।