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गेमिंग कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हर दांव पर लगेगा 28% GST

ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। 28 फीसद जीएसटी को शीर्ष अदालत ने बरकरार रखा है। अदालत का यह फैसला पिछली तारीख से लागू होगा। मतलब तब जब कानून में संशोधन किया गया था।

Supreme Court of India

सुप्रीम कोर्ट। (Photo Credit: PTI)

शीर्ष अदालत ने बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28 फीसद जीएसटी को वैध ठहराया है। जस्टिस जेबी परदीवाला और आर महादेवन की पीठ ने राजस्व विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म केवल मध्यस्थ नहीं हैं, बल्कि उन्हें आपूर्तिकर्ता के तौर पर मानना चाहिए। इस पर लेवी और करों पर जीएसटी व्यवस्था लागू होती है।

 

बता दें कि अगस्त 2023 में जीएसटी परिषद ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर पूरी रकम पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का ऐलान किया है। इसके बाद जीएसटी ने एक लाख करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया। बाद में गेमिंग कंपनियों ने नोटिस के खिलाफ अदालत का रुख किया। 22 सितंबर 2025 से जीएसटी दर और स्लैब में बदलाव कर दिया गया है। अब ऑनलाइन गेमिंग को 40 प्रतिशत स्लैब में डाल दिया गया है। 

 

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हर दांव सट्टेबाजी और जुए की श्रेणी में

सुप्रीम कोर्ट ने गेम ऑफ स्किल (Game of Skill) और  गेम ऑफ चांस (Game of Chance) के बीच अंतर करने वाली दलीलों को भी खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर ऑनलाइन गेमिंग में कोई दांव लगाया जाता है तो उसे भी सट्टेबाजी और जुए की श्रेणी में ही माना जाएगा।

सिर्फ माध्यम होने का दावा खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने उस दलील को भी खारिज कर दिया कि प्लेटफॉर्म सिर्फ एक माध्यम है और केवल प्लेटफॉर्म फीस ही कमाते हैं। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि ऑनलाइन गेम संचालक केवल प्रतिभागियों के बीच लेन-देन को सुविधाजनक बनाने वाले मध्यस्थ नहीं हैं, बल्कि वह स्वयं ऐसे कार्रवाई योग्य दावों के आपूर्तिकर्ता हैं। 

 

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पहले कितनी लगती थी जीएसटी?

GST काउंसिल ने 2 अगस्त 2023 को स्पष्ट किया था कि ऑनलाइन गेमिंग और कसीनो पर दांव की पूरी रकम पर 28 प्रतिशत GST लगेगा। इसके बाद 11 अगस्त 2023 को संसद ने सेंट्रल और इंटीग्रेटेड जीएसटी कानूनों में संशोधन को मंजूरी दी थी। इसके तहत ऑनलाइन गेमिंग और कसीनो में दांव की पूरी फेस वैल्यू पर 28 प्रतिशत टैक्स लगाने का ऐलान किया गया। इससे पहले ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म फीस/कमीशन पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता था। यह कमीशन दांव की पूरी फेस वैल्यू का 5 से 20 प्रतिशत तक होता है।


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