कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक परिवार कर्ज की तंगी से परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। इसमें दो सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य दो सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस जांच के मुताबिक, 32 साल के एक युवक ने अपनी मां, बहन और भतीजे पर हमला किया और बाद में खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की। आत्महत्या से पहले पूरे परिवार ने एक वीडियो बनाकर रिश्तेदारों को भेजा था। वीडियो में उन्होंने बताया कि वह कर्ज के दबाव की वजह से यह कदम उठा रहे हैं।

 

यह घटना बेंगलुरु के बाहरी इलाके मल्लेनहल्ली गांव की है। पूरे परिवार ने बीते शनिवार यानी 29 मार्च की रात को आत्महत्या करने की कोशिश की थी। इस घटना में मरने वालों की पहचान 55 साल की आशा और उनकी 34 साल की बेटी वर्षिता के रूप में हुई है। आशा के छोटे बेटे मोहन गौड़ा और वर्षिता का 11 साल का बेटा मयंक अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, मोहन गौड़ा ने ही मां, बहन और भतीजे पर चाकू से गला रेत दिया था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

 

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रिश्तेदारों की वजह से बचा मोहन

पुलिस के अनुसार आत्महत्या से पहले मोहन ने एक वीडियो बनाकर रिश्तेदारों को भेजा था। वीडियो देखते ही रिश्तेदार उसके घर पहुंच गए। उन्होंने मोहन को बेहोश हालत में पाया और तुरंत उसे और मयंक को अस्पताल ले गए, जिससे उनकी जान बच पाई। फिलहाल दोनों आईसीयू में भर्ती हैं। रिश्तेदारों ने ही मामले की सूचना पुलिस को दी।

 

डेढ़ साल से वर्षिता गंभीर बीमारी से पीड़ित

पुलिस अधिकारियों की जांच में पता चला है कि वर्षिता पिछले डेढ़ साल से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थी, जिसके कारण वह लंबे समय से व्हील चेयर के सहारे जीवन बिता रही थी। इलाज के खर्च की वजह से परिवार पर काफी कर्ज हो गया था। कर्ज देने वाले लोग भी परिवार पर दबाव बना रहे थे। कुछ साल पहले मोहन के पिता की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी, जिसके बाद घर में कमाने वाला सिर्फ मोहन ही था।

 

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पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार पर कितना कर्ज था लेकिन अभी तक इसकी सटीक जानकारी सामने नहीं आ पाई है।