रामनगरी अयोध्या में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब राम जन्मभूमि मंदिर से महज 800 मीटर की दूरी पर स्थित एक विशाल महायज्ञ पंडाल में भीषण आग लग गई। सरयू नदी के तट पर स्थित मांझा जमथरा इलाके में यह हादसा हुआ, जहां जियर स्वामी द्वारा आयोजित महायज्ञ का भव्य आयोजन चल रहा था। आग इतनी भयावह थी कि बांस, फूस और कपड़े से बना विशाल पंडाल देखते ही देखते राख के ढेर में तब्दील हो गया।
हादसे के वक्त पंडाल के पास बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सेवादार मौजूद थे। अचानक उठी आग की लपटों ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। गनीमत यह रही कि मुख्य यज्ञ शुक्रवार को ही संपन्न हो चुका था, नहीं तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की छह से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
यह भी पढ़ें: बंगाल में बीजेपी अपनाएगी 'यूपी मॉडल'? ऐसा क्यों करना चाहते हैं दिलीप घोष
जानकारी के मुताबिक, सरयू नदी के किनारे बाटी बाबा स्थान के पास महायज्ञ का पंडाल सजाया गया था। शनिवार दोपहर अचानक पंडाल के एक हिस्से से काला धुआं उठने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते, लपटों ने पूरे पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसमान में धुएं का गुबार दूर-दूर तक देखा गया। सुरक्षा के लिए वहां पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे किसी को भी किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा।
यह भी पढ़ें: ...तो पूरे की देश में सत्ता खो दोगी BJP? बंगाल की बर्बादी का आरोप लगा बोलीं ममता
घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, मंडलायुक्त राजेश कुमार, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे और SSP डॉ. गौरव ग्रोवर सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने राहत कार्यों का जायजा लिया और दमकल कर्मियों को जरूरी निर्देश दिए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। हालांकि, पंडाल के निर्माण में सूखी घास और लकड़ी का इस्तेमाल होने के कारण आग बहुत तेजी से फैली थी। फिलहाल शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
