उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मंगलवार हुए एक विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यहां अपने वॉर्ड में विकास कार्य न होने और लगातार हो रहे भेदभाव से नाराज भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ही एक महिला पार्षद ने नगर निगम परिसर के मुख्य गेट पर अपना सिर मुंडवा लिया। इस घटना के बाद नगर निगम प्रशासन और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
यह कड़ा कदम उठाने वाली महिला पार्षद उषा देवी शंखवार हैं, जो नगर निगम के वॉर्ड नंबर-6 का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनका आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से उनके पूरे वॉर्ड की बुनियादी नागरिक समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है और क्षेत्र की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। कई बार लिखित शिकायत देने और शांतिपूर्ण धरना देने के बावजूद जब अधिकारियों ने सुध नहीं ली तो उन्हें मजबूरन यह आत्मसम्मान की लड़ाई लड़नी पड़ी।
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मेयर के पति पर लगाया रोड़ा अटकाने का आरोप
सिर मुंडवाने के तुरंत बाद पार्षद उषा देवी नगर निगम परिसर के भीतर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गईं। उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके वॉर्ड के विकास कार्यों में जानबूझकर बाधा डाली जा रही है। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर मेयर के पति सुरेंद्र राठौर को जिम्मेदार ठहराया। पार्षद का दावा है कि मेयर के पति के दखल और विरोध के कारण ही उनके क्षेत्र की फाइलें अटकी हुई हैं और कोई बड़ा काम जमीन पर नहीं दिख रहा है।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे प्रदर्शन के बाद नगर निगम के अन्य पार्षदों में भी सुगबुगाहट तेज हो गई। वॉर्ड में भेदभाव के इस मुद्दे पर उषा देवी शंखवार को अपनी ही पार्टी के एक अन्य BJP पार्षद मुनेन्द्र यादव का खुला समर्थन मिला और वह भी उनके साथ धरने पर बैठ गए। इसके अलावा, नगर निगम के ठेका सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी महिला पार्षद की मांगों को जायज ठहराते हुए इस आंदोलन में अपनी एकजुटता जताई।
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नगर आयुक्त ने दावों को नकारा
मामला बढ़ता देख और चौतरफा दबाव के बीच नगर निगम प्रशासन को भी अपनी सफाई पेश करने के लिए सामने आना पड़ा। फिरोजाबाद के नगर आयुक्त प्रशांत नागर ने महिला पार्षद द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और तथ्यहीन करार दिया है। नगर आयुक्त ने आधिकारिक आंकड़ा साझा करते हुए कहा कि संबंधित वॉर्ड नंबर-6 के लिए प्रशासन की ओर से लगभग 64 लाख रुपये के विकास कार्यों का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इनमें से कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और बाकी बचे हुए काम भी अंतिम चरण में हैं, जिन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।


