पंजाब में इन दिनों निकाय चुनावों को लेकर जमकर बवाल हो रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हो रहे यह विधानसभा चुनाव तमाम राजनीतिक दलों के लिए नाक की लड़ाई बन गए हैं। मुक्तसर जिले के मलोट में सोमवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। दोनों पक्षों में हाथापाई और लात घूंसे चले। वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उनके ब्लॉक प्रधान की पगड़ी उछाली गई है। इसके बाद से कांग्रेस पार्टी ने AAP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और इस लड़ाई में बीजेपी और अकाली दल को भी साथ आने के लिए कहा है।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद लोकसभा सांसद और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मलोट पहुंच गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन और AAP सरकार पर जमकर हमला बोला। इस मामले में कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि AAP सरकार में मंत्री डॉ. बलजीत कौर के पीए ने कांग्रेसियों पर जानलेवा हमला किया। पार्टी इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग कर रही है।
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क्या है पूरा मामला?
सोमवार को निकाय चुनाव के लिए नामांकन के बाद अलग-अलग पार्टियों के नेता उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट के लिए इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं में किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई और बात मारपीट तक पहुंच गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस झड़प में उनके देहाती ब्लॉक प्रधान मक्खन सिंह की पगड़ी उछाली गई। साथ ही एमसी चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता लीलू राम को जातिसूचक गालियां देने का भी आरोप लगाया है।
भड़क गए राजा वड़िंग
इस घटना के बाद मौके पर राजा वड़िंग पहुंचे और प्रशासन पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई ना करने का आरोप लगाया। राजा वड़िंग ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है। राजा वड़िंग ने कहा कि अब मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलना है। उन्होंने कहा कि अब मंत्री बलजीत कौर जहां भी जाएंगे उनका विरोध किया जाएगा। राजा वड़िंग ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से कहा, 'देखते हैं मंत्री कितने दिन तक यहां नहीं आती हैं। हर वार्ड में अपना आदमी तैनात रखो जहां भी वह आएं उनका विरोध करो। पर्चा होगा तो देख लेगें हम उससे निपट लेंगे।'
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साथ आए अकाली दल और बीजेपी
राजा वड़िंग जब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे उस समय शिरोमणि अकाली दल के नेता और बीजेपी के नेता भी वहां प्रदर्शन कर रहे थे। राजा वड़िंग ने पूछा कि मंत्री का विरोध करने का फैसला सही है। इसके बाद उन्होंने दूसरी तरफ देखते हुए कहा, 'तीनों लीडर सुबह सलाह कर लेना। बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस राय कर लें और सुबह हमें बता देना। मैं अपने साथियों को गांव में 300-400 लोगों को आपके पास पहुंचा देंगे। 400-500 आप लोग कर लो। अगर जरूरत पड़ी तो और लोग कर लेंगे।' राजा वड़िंग ने कहा कि यह लड़ाई हमें लड़नी है। शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक हरप्रीत सिंह कोटभाई ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कांग्रेस का साथ देंगे और थाने के आगे धरने में शामिल होंगे।