उत्तर प्रदेश के संभल में करीब 101 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन से जुड़े बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहजहांपुर में तैनात सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जब वह संभल में कार्यपालक अधिकारी (EO) थे, तब सरकारी जमीन की सुरक्षा करने के बजाय उन्होंने जमीन माफिया का साथ दिया। उन पर करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कराने में मदद करने का आरोप है।

 

यह मामला संभल-मुरादाबाद स्टेट हाईवे के किनारे स्थित 38 बीघा सरकारी जमीन से जुड़ा है, जिसकी मौजूदा कीमत करीब 101 करोड़ रुपये आंकी गई है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देश पर कराई गई पैमाइश और जांच में घोटाले का खुलासा हुआ। इसके बाद लेखाकार स्पर्श गुप्ता की शिकायत पर तत्कालीन EO राजकुमार गुप्ता समेत 31 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

 

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1967 से शुरू हुआ था पूरा मामला

जांच में सामने आया कि इस विवाद की शुरुआत वर्ष 1967 में हुई थी। आरोप है कि नगर पालिका ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नियमों के विपरीत जमीन की लीज जारी कर दी। बाद में वर्ष 1991 से 2005 के बीच अपर तहसीलदार और MDA की अदालतों ने सुनवाई के दौरान इस जमीन को सरकारी संपत्ति माना। इसके बावजूद वर्ष 2008 में तत्कालीन DDC खेम सिंह खड़क ने फर्जी लीज धारकों के पक्ष में आदेश जारी कर उन्हें जमीन पर कब्जा दिला दिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील दायर की गई थी।

हाई कोर्ट में सरकारी पक्ष कमजोर करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2013 में संभल में EO के पद पर तैनात राजकुमार गुप्ता ने हाई कोर्ट में एक नोट दाखिल कर नगर पालिका की ओर से मुकदमे की पैरवी करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उन्होंने जमीन माफिया के साथ मिलीभगत कर ऐसा कदम उठाया, जिससे सरकारी पक्ष कमजोर हो गया और निजी लोगों को फायदा मिला। जांच एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम में अन्य अधिकारियों और संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

 

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60 साल बाद सरकार के नाम दर्ज हुई जमीन

प्रशासन की सख्ती के बाद DDC कोर्ट के आदेश पर हाल ही में खसरा-खतौनी से निजी लोगों के नाम हटाकर 38 बीघा जमीन दोबारा उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज कर दी गई। संभल के SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि इस मामले में राजकुमार गुप्ता समेत 31 लोगों के खिलाफ सरकारी जमीन हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी पर वर्ष 2022 में 44 लाख रुपये के गबन का मामला भी दर्ज हो चुका है। पुलिस उनके संभल में 6 वर्ष के कार्यकाल के दौरान हुए अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। वहीं, तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष से भी पूछताछ की जा रही है।