पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले का बरुईपुर अचानक चर्चा का विषय बन गया है। 12 साल की एक बच्ची दुष्कर्म और उसके बाद आरोपी की मॉब लिंचिंग के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तृणमूल कांग्रेस ने जबरदस्त सवाल दागे हैं। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री और TMC की मुखिया ममता बनर्जी के घर पर पुलिस बल तैनात किए जाने को लेकर भी TMC भड़की हुई है। TMC आरोप लगा रही है कि ममता बनर्जी को बरुईपुर जाने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। स्थानीय सांसद सायोनी घोष ने बताया है कि इस मामले पर उन्होंने मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी से बात की है और घटना की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है।

 

इस घटना के बाद बरुईपुर में तनाव की स्थिति बनी हुई है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। इससे पहले स्थानीय लोगों ने बरुईपुर जयनगर रोड को बंद करके रास्ते पर टायर जलाए थे और पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने बताया है कि 12 साल की लड़की के रेप और मर्डर की इस घटना के बाद 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकियों की भी तलाश की जा रही है। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाए हैं कि उनकी बेटी का अपहरण करके रेप और हत्या की गई है। शनिवार को घर से निकली लड़की की लाश बरुईपुर के सुर्ज्यपुर हाट इलाके में पाई गई थी।        

 

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क्यों भड़की है TMC?

अब TMC का आरोप है कि ममता बनर्जी रेप पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए बरुईपुर जाना चाहती थीं लेकिन उन्हें रोका जा रहा है। TMC ने अपने X हैंडल पर लिखा है कि ममता बनर्जी के घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई है और बैरिकेडिंग लगा दी गई है थाकि वह अपने घर से निकल ही न पाएं। TMC का कहना है कि इसके बावजूद ममता बनर्जी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी हैं और उसे न्याय दिलाने के लिए समर्पित हैं।

इस घटना के बारे में स्थानीय सांसद सायोनी घोष ने भी एक ट्वीट किया है। 8 जून के बाद पहली बार किए गए ट्वीट में सायोनी घोष ने बताया है कि उन्होंने इस घटना के बारे में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बात की है और वह खुद इस मामले पर नजर रखे हुए हैं। शुभेंदु को धन्यवाद देते हुए सायोनी घोष ने लिखा है कि केस की जांच के लिए SIT बनाई गई है, गिरफ्तारियां हो रही हैं और मुख्यमंत्री खुद पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं और अपराधियों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोपी को पीटकर मार डालने की निंदा करते हुए लिखा है कि कानून का राज होना चाहिए और सभ्य समाज में भीड़तंत्र की कोई जगह नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखें।

 

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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस केस के बाद ममता बनर्जी के घर सुरक्षा बढ़ाने को लेकर लिखा है, 'बीजेपी ना सिर्फ महिलाओं के मुद्दे पर फेल हुई है बल्कि उसने ऐसा माहौल बनाया है कि घृणित अपराध के आरोपियों को भी भरोसा है कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिलेगा। जहां राजनीतिक कनेक्शन न्याय को प्रभावित करते हों, जहां कानून से ऊपर प्रभाव हो, जहां सवाल उठते हों कि क्या न्याय व्यवस्था पर राजनीतिक दवाब हावी है। बरुईपुर के पीछे का सच यही है। बीजेपी महिलाओं की सुरक्षा का वादा करके सत्ता में आई और अब ऐसी हर घटना नए सवाल खड़ी कर रही है।'

बरुईपुर में क्या-क्या हुआ?

पीड़िता के परिवार का कहना है कि शनिवार को उनकी बेटी बर्थडे केक लाने के लिए घर से निकली थी। आरोप है कि 4 लोगों ने उसका अपहरण किया। परिवार के मुताबिक, इन्हीं लोगों ने पहले रेप किया और फिर हत्या करके लाश फेंक दी। रविवार को एक तालाब से लाश बरामद किए जाने के बाद पीड़िता के शव को बरुईपुर के सब डिविजनल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था।

 

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लाश मिलने के बाद गुस्साए लोगों ने कई इलाकों में रास्ते पर टायर जलाए और रेलवे ट्रैक पर भी पत्थर और लोहे की चीजें रख दी थीं। जब लोगों को हटाने के लिए पुलिस की टीम पहुंची तो उस पर भी पथराव किया गया और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि केस के मुख्य आरोपी बीजेपी से जुडे़ हैं इसलिए उन्हें बचाया जा रहा है। हालांकि, अब पुलिस का कहना है कि 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।