उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर और टीचर, इस्लामिक रीति-रिवाजों को हिंदू छात्रों पर थोपने के आरोप में नप गए हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। आरोप है कि स्कूल में हिंदू छात्रों को इस्लामी धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया। 

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ लड़कियों को हिजाब पहने और लड़कों को इस्लामिक टोपी पहने देखा गया, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। जिला प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है।

यह भी पढ़ें: 'बुर्का पहनो, मांस खाओ, इस्लाम अपना लो', ससुराल की डिमांड से परेशान महिला टीचर

2 टीचर, कार्यवाहक हेडमास्टर निलंबित 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल के दो शिक्षकों और कार्यवाहक हेडमास्टर बालेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। बालेश कुमार उस समय कार्यवाहक हेडमास्टर थे, जब असली हेडमास्टर मेडिकल लीव पर थे। बालेश कुमार का नाम FIR में नहीं है। 

'स्कूल में थोपी जा रही हैं इस्लामिक प्रथाएं'

नखासा पुलिस स्टेशन में रविवार को दर्ज FIR के मुताबिक शिकायतकर्ता ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार ने आरोप लगाया कि स्कूल में धार्मिक प्रथाएं थोपी जा रही थीं, जिससे छात्रों की भावनाएं आहत हुईं। 

नप गए हेडमास्टर और टीचर

पुलिस ने हेडमास्टर अंजर अहमद और शिक्षक मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) और 61 (2) के तहत केस दर्ज किया है। धारा 353 (2) धार्मिक संजिश और नफरत फैलाने के मामलों में से जुड़ी है। धारा 61 (2) आपराधिक साजिश से जुड़े मामलों में लगाई जाती है।

यह भी पढ़ें: 'इस्लाम कबूलो, किस्मत बदलेगी', हिंदू लड़की को पहनाया बुर्का, बवाल मच गया

छात्र क्या कह रहे हैं?

कई छात्रों और शिक्षकों ने इन आरोपों से इनकार किया है। एक छात्रा ने कहा कि किसी पर हिजाब पहनने का दबाव नहीं था। स्कूल में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। एक अन्य छात्रा ने कहा कि स्कूल में अलग-अलग प्रार्थनाएं और धर्मनिरपेक्ष भजन गाए जाते हैं।

पुरानी है तस्वीर?

टाइम्स ऑफ इंडिया ने कुछ छात्रों से बात की है। छात्रों का कहना है कि यह तस्वीर, एक साल पुरानी है। जो छात्र, टोपी पहने नजर आ रहे हैं, उन्होंने अपनी मर्जी से पहना था। वहां एक एक टीचिंग स्टाफ अनवर खान ने कहा कि स्कूल में राष्ट्रगान और प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं, किसी तरह का धर्मांतरण या गलत काम नहीं होता है।

 

 

शिकायत को साजिश बता रहा स्टाफ 

स्कूल के हेडमास्टर अंजर अहमद ने सभी आरोपों को साजिश बताया है। उन्होंने कहा है कि वे किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं। 

शिक्षा विभाग ने क्या कदम उठाया है?

बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय, संभल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि शिक्षा विभाग के तीन अधिकारियों को आरोपी शिक्षकों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करके सात दिनों में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।