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'बुर्का पहनो, मांस खाओ, इस्लाम अपना लो', ससुराल की डिमांड से परेशान महिला टीचर

बिहार में एक महिला ने अपने इस्लामिक ससुराल पक्ष पर आरोप लगाया कि उसने अपनी मर्जी से शादी की लेकिन अब उसके ससुराल वाले उसे बुर्का पहनने, विशेष तरह का मांस खाने और इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बना रहे हैं।

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सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit: AI

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संजय सिंह, पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अंतरधार्मिक विवाह, महिला अधिकार और सामाजिक दबाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला शिक्षिका ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में FIR दर्ज कराई है। महिला का कहना है कि शादी के बाद उस पर लगातार धर्म परिवर्तन करने, बुर्का पहनने और खानपान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। विरोध करने पर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता पेशे से टीचर है और अभी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रही है। उसने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि उसने अपनी मर्जी से दूसरे धर्म के युवक से शादी की थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था लेकिन धीरे-धीरे ससुराल वालों का व्यवहार बदलने लगा। महिला का आरोप है कि उसे अपने धर्म और रीति-रिवाज छोड़ने के लिए मजबूर किया जाने लगा।

 

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खाने-पहनने पर रोक-टोक

महिला के अनुसार, परिवार के लोगों ने उस पर इस्लामिक परंपराएं अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसे बुर्का पहनने के लिए कहा गया। इतना ही नहीं, खानपान को लेकर भी दबाव बनाया गया। पीड़िता का आरोप है कि उसकी इच्छा के विरुद्ध कुछ विशेष प्रकार का मांस खाने के लिए मजबूर किया गया। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे अपमानित किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

 

महिला ने FIR में अपने ससुर, सास, देवर और देवरानी को नामजद आरोपी बनाया है। उसने कहा कि परिवार के लोग उसकी बात नहीं मानने पर उसे घर से निकालने और हत्या तक की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता ने मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया। 

पंचायत के जरिए बढ़ाया जा रहा दबाव

पीड़िता ने आरोप लगाया कि मामला परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पंचायत के माध्यम से भी उस पर दबाव बनाया जाने लगा। पंचायत बैठाकर उसे परंपराएं अपनाने की सलाह दी गई। महिला का कहना है कि उससे कहा गया कि अगर उसे इस घर में रहना है तो परिवार के नियमों को पूरी तरह स्वीकार करना होगा। महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। कई बार उसके साथ मारपीट भी हुई। लगातार तनाव और डर के माहौल के कारण उसने आखिरकार पुलिस की शरण ली।

पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू

इस मामले में काजी मोहम्मदपुर थाना के थानाध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर मामला पारिवारिक विवाद जैसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन हर पहलू की जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल मामले ने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।

 

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अंतरधार्मिक विवाह पर बहस छिड़ी

इस घटना के सामने आने के बाद अंतरधार्मिक विवाह और महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या शादी के बाद किसी महिला पर उसकी इच्छा के विरुद्ध धार्मिक परंपराएं थोपना उचित है? वहीं, कुछ लोग इसे पारिवारिक विवाद मान रहे हैं तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पहचान से जुड़ा गंभीर मामला बता रहे हैं। फिलहाल, सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। पीड़िता न्याय की उम्मीद में है, जबकि प्रशासन का कहना है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

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