ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर। चमकती सड़कें, तेज ट्रैफिक और उसी के बीच एक ऐसी वारदात, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। NH-316 के उत्तरा चौक के पास सड़क किनारे एक ट्रांसजेंडर महिला की लहूलुहान हालत में लाश मिली। उम्र करीब 25 साल। शरीर पर चाकू के कई वार। अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने एक ही बार में मृत घोषित कर दिया।
हत्या के बाद ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग भड़क गए। सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए लोग उतर आए। खबर फैलते ही माहौल बदल गया। ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग इंसाफ मांग रहे हैं। एयरपोर्ट स्क्वायर में नाराज LGBTQ समुदाय के लोगों ने अधिकारियों पर दबाव बनाया। वहां नारे लगे, पोस्टर उठे और सवाल पूछे गए 'अगर यही अपराध किसी और के साथ होता तो क्या इतनी ही सुस्ती दिखाई जाती?
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क्या चाहते हैं ट्रांस समुदाय के लोग?
ट्रांस समुदाय का कहना है कि मृतक योगा सिखाती थीं। अपनी जिंदगी को नए सिरे से संवारने की कोशिश में थीं। परिवार ने पहले ही उनसे दूरी बना ली थी। पहचान का बोझ इतना भारी था कि अपने भी साथ छोड़ गए। अब मौत के बाद अंतिम संस्कार और न्याय की लड़ाई, दोनों की जिम्मेदारी समुदाय ने उठाई।
मामले की जांच स्थानीय पुलिस नहीं, क्राइम ब्रांच करे
प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांगें साफ हैं। मामले की जांच स्थानीय पुलिस नहीं, क्राइम ब्रांच करे। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मृतक के परिवार के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। लोगों का आरोप है कि ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ अपराधों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है । FIR हो जाती है, बयान दर्ज हो जाते हैं, लेकिन इंसाफ फाइलों में अटक जाता है।
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CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
पुलिस की तरफ से सफाई भी आई है। कहा गया है कि CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हर एंगल से जांच चल रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। ट्रांस समुदाय का कहना है कि सवाल पुलिस के दावों से बड़ा है। क्या पहचान इंसाफ तय करती है? क्या किसी की जान की कीमत उसके जेंडर से तय होगी? पुलिस केस की जांच में जुटी है।
