उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में 20 जनवरी को उस समय हड़कंप मच गया, जब सुनवाई के दौरान तीन पुलिसकर्मी अचानक एक चेंबर में घुस गए। इनमें एक सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल शामिल थे। ये पुलिसकर्मी एक महिला को गिरफ्तार करने के इरादे से कोर्ट परिसर पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर साथ रहने के लिए अपने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। इसके तहत पति को गौकशी के झूठे मामले में फंसाया गया। इसी मामले में महिला की गिरफ्तारी होनी थी लेकिन पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही और वह मौके से फरार हो गई।

 

लखनऊ वेस्ट के DCP विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मियों ने सरकारी वकील के ऑफिस जाने की गलत जानकारी देकर पास बनवाया और हाई-सिक्योरिटी जोन में प्रवेश किया। इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए तीनों के खिलाफ ट्रेसपासिंग का मामला दर्ज किया गया है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

 

यह भी पढ़ें: केरल में एक वायरल VIDEO से बेइज्जती! शख्स ने सुसाइड क्यों कर लिया?

क्या था मामला? 

महिला ने अपने पति की गाड़ी की चाबी अपने दोस्त को दीं जिसने हजरतगंज की पार्किंग में खड़ी कार में 2 किलो मांस रख दिया। बजरंग दल के जरिए से पुलिस को इस मामले में सूचना दी गई। इसके बाद महिला के पति को जेल भेज दिया गया। उसके बाद पति को 1 महीने के बाद जमानत मिल गई। महिला ने पति के फोन से ऑनलाइन एक कैब बुक किया जिसका ओटीपी अपने बॉयफ्रेंड के साथ शेयर कर दिया। महिला का दोस्त भोपाल से 10 किलो मांस लेकर आया और उसी कैब के जरिए पति की फैक्ट्री (काकोरी) के पास भिजवाया। दोबारा पुलिस को टिप दी गई और 15 जनवरी को मांस बरामद हुआ।

 

कैसे खुला राज?

जब पुलिस ने पति से पूछताछ की, तो उसने अपनी पत्नी पर अफेयर का शक जताया और बताया कि उसने घर में CCTV कैमरे लगवाए हैं। फुटेज की जांच करने पर पुलिस ने देखा कि महिला अपने पति के बाथरूम जाने पर उसका फोन इस्तेमाल कर रही थी। आगे की जांच में लड़के से उसके रिश्ते होने के सबूत मिले। पुलिस ने पूरी प्लानिंग के तहत प्रेमी को पकड़ा, जिसने सारा जुर्म कबूल कर लिया।

 

फिलहाल केस की मुख्य आरोपी महिला फरार है जबकि पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर गोकशी अधिनियम और BNS की साजिश संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने महिला के पति को छोड़ दिया है और बरामद मांस को लैब में टेस्ट के लिए भेज दिया गया है। साथ ही जिन पुलिसकर्मियों ने महिला को पकड़ने के लिए नियमों का उल्लंघन किया है उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।