नौकरी जाना हमेशा दर्दनाक होता है। हालांकि, जब यह बताया जाए कि आपको खराब परफॉर्मेंस की वजह से नहीं, बल्कि एक्सेल शीट में तय किए गए कम बजट की वजह से नौकरी से निकाला गया है, तो यह दर्द और ज्यादा गहरा हो जाता है। यह सच्चाई इस हफ्ते अमेज़न के एक अंदरूनी सूत्र ने प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ब्लाइंड पर साझा की, जिसके बाद टेक इंडस्ट्री में तीखी बहस छिड़ गई है।
पिछले कुछ समय से अमेजन ने हजारों लोगों को नौकरी से निकालने की घोषणा की है। कंपनी ने 2025 में 14,000 नौकरियां खत्म करने के बाद अब 2026 में करीब 16,000 और लोगों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है। ऐसे में ऑर्गेनइजेशनल चेंज और 'परफॉर्मेंस' जैसे शब्द कई कर्मचारियों को अब कंपनी की ओर से बनाए गए 'बहाने' लगने लगे हैं।
बजट कटौती बनी वजह
ब्लाइंड पर सामने आई पोस्ट के मुताबिक, छंटनी का फैसला कर्मचारियों की योग्यता या उनके काम की वजह से नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा पहले से तय किए गए बजट की कटौती के कारण हुआ है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अंदरूनी सूत्र ने दावा किया कि सबसे पहले यह तय किया गया कि कितनी लागत कम करनी है, उसके बाद टीमों और जिन लोगों को नौकरी से निकाला जाना था उनको चुना गया। मैनेजर्स को कहा गया कि वे इसे 'खराब परफॉर्मेंस' के रूप में पेश करें, जबकि दूसरी तरफ कंपनी भर्ती भी कर रही थी।
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पोस्ट में साफ शब्दों में लिखा गया, यह दिखावा बंद होना चाहिए कि लोगों ने अपनी नौकरी इसलिए खोई क्योंकि उन्होंने मेहनत नहीं की थी। किसी का व्यक्तिगत मूल्यांकन नहीं हुआ है। पोस्ट ने न सिर्फ छंटनी झेल रहे कर्मचारियों को सांत्वना दी, बल्कि जो अभी कंपनी में हैं, उन्हें भी आगाह किया कि वह इस बात का भ्रम ने पालें कि वे सुरक्षित हैं।
महंगे कर्मचारी, सस्ती दलीलें
खुद को Microsoft का इंजीनियर बताने वाले एक यूज़र ने 'खराब परफॉर्मेंस' की बात को कॉरपोरेट दुनिया का सबसे बड़ा छलावा बताया। उनका कहना था कि 'बहुत महंगा' होना अक्सर अपने काम में बहुत कुशल होने का संकेत होता है। इसी तरह एप्पल, इंटेल और यूपीएस से जुड़े कर्मचरियों ने भी अपनी कहानियां साझा की हैं।
अमेज़न की ओर से हालांकि आधिकारिक तौर पर स्थिति को सामान्य दिखाने की कोशिश की गई है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, 28 जनवरी को एचआर डिपार्टमेंट की हेड बेथ गैलेटी ने एक आंतरिक ज्ञापन जारी कर कहा था कि अमेरिकी कर्मचारियों को कंपनी के भीतर नई भूमिकाएं तलाशने के लिए 90 दिन का समय दिया जाएगा। इसके अलावा सेवेरंस सैलरी, स्वास्थ्य लाभ और नौकरी से बाहर निकलने में सहायता का भी आश्वासन दिया गया है। यह भी कहा गया कि अमेज़न रणनीतिक क्षेत्रों में अभी भी भर्तियां कर रहा है और छंटनी कोई नई बात नहीं है।
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लेकिन आंकड़े इस दावे को कमजोर करते दिखते हैं। आउटप्लेसमेंट फर्म चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस के मुताबिक, जनवरी 2026 में छंटनी का स्तर पिछले 17 वर्षों में सबसे बहुत ज्यादा रहा है । इसमें अमेज़न और यूपीएस की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत बताई गई है। यह आंकड़े संकेत देते हैं कि समस्या किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे उद्योग में फैली हुई है।
सिस्टम की खामी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब फैसले एल्गोरिदम और खर्च की एनालिसिस के आधार पर लिए जाते हैं, तो कड़ी मेहनत में भी सुरक्षा की गारंटी नहीं रह जाती है। हर आंकड़े के पीछे एक इंसान होता है, जिसकी जिम्मेदारियां होती हैं, घर का खर्च होता है, बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल होती है। ब्लाइंड पर आई पोस्ट इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसने छंटनी को व्यक्ति के परफॉर्मेंस की कमी के बजाय सिस्टम की खामी के रूप में देखने का नजरिया दिया है ।
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छंटनी झेल चुके कर्मचारियों के लिए यह मैसेज भी सामने आया कि वे खुद को दोषी न मानें। सलाह दी गई कि वे अपने लिंक्डइन प्रोफाइल अपडेट करें, नेटवर्किंग बढ़ाएं और अपनी क्षमता पर भरोसा रखें। वहीं, जो कर्मचारी अभी भी काम कर रहे हैं, उन्हें हर काम का रिकॉर्ड रखने, नई स्किल्स सीखने और वैकल्पिक अवसरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
