आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में हर दिन नई खोज हो रही है। इन खोज का नतीजा है कि AI कंपनियों में होड़ लगी हुई है। हर कंपनी पर कुछ नया खोजने, नए प्रोडक्ट बनाने और अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे निकलने की लड़ाई है। इसी लड़ाई में प्रमुख AI कंपनी Anthropic  ने कुछ ऐसा किया कि दुनियाभर का शेयर मार्केट हिल गया। साइबर सिक्योरिटी से जुड़े नए टूल Claude Code सिक्योरिटी को लॉन्च करते हुए इस सेक्टर की तमाम कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए और एक झटके में अरबों रुपये डूब गए।

 

हैरानी की बात है कि Anthropic ने अभी सिर्फ इसका एलान भर किया है। ना तो कहीं से ग्राहक खींचे गए, ना ही रेवेन्यू के आंकड़े दिए गए। बस लॉन्च भर से ही CrowdStrike के शेयरों के दाम 8 प्रतिशत कम हो गए, Cloudflare के दाम 8% कम हुए, Okta के शेयरों के दाम में 9 पर्सेंट की कमी आई, SailPoint के शेयरों के दाम में 9.4% की कमी आई और Zscaler  के दाम 5.5 पर्सेंट हो गए। ये कंपनियां साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में काम करती हैं और कुछ कंपनियां तो ऐसी भी हैं जो AI बेस्ड हैं। 

क्या है Claude Code?

एक और रोचक बात है कि अभी तक Claude Code टूल सिर्फ लिमिटेड रिसर्च प्रिव्यू के लिए उपलब्ध है। अभी के लिए एंटरप्राइज और टीम प्लान लेने वाले कस्टमर्स ही इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मुख्य तौर पर यह एक ऐसा AI टूल है जो सॉफ्टरवेयर के कोड बेस को स्कैन कर सकता है, उसमें खामियां ढूंढ सकता है और यह भी बता सकता है कि उस कमी को दूर करने के लिए क्या-क्या करना होगा।

 

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अब जिस काम को करने के लिए कंपनियां मोटी रकम लेती हैं, महंगे-महंगे प्लान बेचती हैं, वह काम यह टूल चुटकियों में कर सकता है। यही वजह है कि साइबर सिक्योरिटी और सिस्टम सिक्योरिटी वाली कंपनियों के शेयर के दाम धड़ाम हुए हैं। ग्लोबल X साइबर सिक्योरिटी EDF (BUG) नवंबर 2023 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और कुछ ही घंटों में अरबों रुपये डूब गए। 

क्यों बड़ा खतरा बन गया Claude Code Security?

 

मौजूदा वक्त में जितने भी सिक्योरिटी स्कैनर सॉफ्टवेयर हैं वे किसी न किसी नियम पर चलते हैं। मतलब उन्हें बताया गया होता है कि क्या गड़बड़ियां हो सकती हैं। उनके पास गड़बड़ियों की एक पूरी लिस्ट होती है जिसे लाइब्रेरी कहा जाता है। उदाहरण के लिए- पासवर्ड लीक, आउटडेटेड एनक्रिप्शन या ऐसी ही अन्य समस्याएं। ये सॉफ्टवेयर चेक करते हैं कि ऐसी कोई गड़बड़ी है या नहीं। मतलब अगर कोई ऐसी गड़बड़ी हो जो पहले से तय गड़बड़ियों में न लिखी गई तो ये टूल उसे नहीं पकड़ सकते। 

 

इसके लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को काफी मशक्कत करनी पड़ती है और उनकी जरूरत पड़ती है। अब Claude Code इन सॉफ्टवेयर को इसी मामले में पीछे छोड़ रहा है। यह ठीक वैसे काम करता है जैसे कोई इंसान काम करेगा। यह एक-एक स्टेप पर जाकर चेक करता है, देखता है कि कोड के अलग-अलग हिस्से एक-दूसरे के साथ कैसे लिंक कर रहे हैं। इसका नतीजा यह होता है कि यह किसी भी गड़बड़ी को पकड़ सकता है।

 

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इसके बारे में Anthropic यानी इसे बनाने वाली कंपनी का कहना है कि मौजूदा वर्जन Claude Opus 4.6 अभी तक ओपन सोर्स कोड बेस में से 500 से ज्यादा गड़बड़ियां खोज चुका है। ये ऐसी हैं जिन्हें दशकों से बड़े-बड़े एक्सपर्ट नहीं खोज पाए थे। 

 

नौकरियां खतरे में कैसे हैं?

 

अक्सर सिस्टम सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी कंपनियां कोड में बग ढूंढने के लिए महंगे ऐनलिस्ट और इंजीनियर हायर करती हैं। लाखों-करोड़ों की सैलरी वाले ये लोग अलग-अलग तरीके से रिसर्च करके कोड की दिक्कतें खोजते हैं और उन्हें ठीक करते हैं। इसके बावजूद भी कई बग सालों तक नहीं मिलते। अब Claude Code इस काम को बखूबी करने में सक्षम बताया जा रहा है। यही वजह है कि ये नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं और बड़ी कंपनियां भी ऐसे लोगों की बजाय टूल पर भरोसा कर सकती हैं।