आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे लाखों टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए ITR-3 यूटिलिटी को लाइव कर दिया है। इसके साथ ही शेयर बाजार में Futures & Options (F&O) और इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले लोगों के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी लागू किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब ट्रेडर्स को अपनी ट्रेडिंग गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पहले की तुलना में अधिक विस्तार से देनी होगी।

 

पिछले कुछ सालों में शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। खासकर F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग में बड़ी संख्या में नए निवेशक शामिल हुए हैं। ऐसे में आयकर विभाग ने रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए ITR-3 फॉर्म में कुछ बदलाव किए हैं। अगर आप भी शेयर बाजार में सक्रिय हैं या किसी प्रकार का बिजनेस या प्रोफेशनल आय अर्जित करते हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

क्या है ITR-3?

ITR-3 एक ऐसा आयकर रिटर्न फॉर्म है जिसे वे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) भरते हैं जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है। इसमें फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंसल्टेंट, छोटे व्यवसायी और शेयर बाजार में F&O या इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले लोग शामिल होते हैं।

 

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F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग क्या होती है?

F&O यानी Futures and Options शेयर बाजार का एक ऐसा सेगमेंट है जिसमें भविष्य की कीमतों के आधार पर ट्रेडिंग की जाती है। वहीं इंट्राडे ट्रेडिंग में निवेशक एक ही दिन के भीतर शेयर खरीदते और बेचते हैं। इन दोनों प्रकार की ट्रेडिंग से होने वाली आय को टैक्स नियमों के तहत बिजनेस इनकम माना जाता है।

इस बार क्या बदले हैं नियम?

AY 2026-27 के लिए जारी ITR-3 में F&O और इंट्राडे ट्रेडर्स को अपनी ट्रेडिंग गतिविधियों का अधिक विस्तृत विवरण देना होगा। अब टर्नओवर, लाभ, हानि और अन्य संबंधित जानकारी को अलग-अलग श्रेणियों में दर्शाना होगा। इससे आयकर विभाग को टैक्सपेयर्स की वास्तविक आय का सही आकलन करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार पहले कई निवेशक ट्रेडिंग आय की रिपोर्टिगं में गलतियां कर देते थे जिससे बाद में नोटिस या अन्य समस्याएं सामने आती थी। नए बदलावों के बाद रिपोर्टिंग प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

 

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किन लोगों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

  • F&O ट्रेडिंग करने वाले निवेशक
  • इंट्राडे ट्रेडर्स
  • फ्रिलांसर
  • प्रोफेशनल्स (डॉक्टर, वकील, CA आदि)
  • छोटे और मध्यम व्यवसायी
  • शेयर बाजार से नियमित आय कमाने वाले व्यक्ति

ITR भरते समय रखें इन बातों का ध्यान

ITR-3 दाखिल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। इनमें पैन  कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, ट्रेडिंग स्टेटमेंट, AIS रिपोर्ट, Form 26AS और अन्य से जुडें दस्तावेज शामिल हैं। सही जानकारी दर्ज करने से रिटर्न प्रोसेसिंग में देरी और भविष्य की परेशानियों से बचा जा सकता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह अपडेट?

शेयर बाजार में बढ़ती भागीदारी को देखते हुए सरकार और आयकर विभाग टैक्स अनुपालन को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहें हैं। ITR-3 में किए गए बदलाव इसी दिशा का हिस्सा हैं। यदि आप ट्रेडिंग या बिजनेस से जुड़ें हैं तो रिटर्न भरने से पहले नए नियमों को समझना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार की गलती या नोटिस से बचा जा सके।