लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) के दाम शनिवार से बढ़ गए हैं। तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से LPG की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है। आम लोगों के इस्तेमाल वाली 14.2 किलो वाले गैर-सब्सिडी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी है।
दिल्ली में यह सिलेंडर 913 रुपये में मिलेगा, मुंबई में यह 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये का बिकेगा। ये दाम अलग-अलग राज्यों में लोकल टैक्स या वैट के हिसाब से थोड़े अलग-अलग रहते हैं। यह बढ़ोतरी पिछले 11 महीनों में दूसरी बार हुई है।
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असर किस पर होगा?
उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाली सब्सिडी वाली एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। होटल-रेस्तरां जैसे व्यावसायिक उपयोग वाली 19 किलो सिलेंडर की कीमत भी पहले ही इस महीने 114.50 रुपये बढ़ाई जा चुकी है। यह बढ़ोतरी आम परिवारों के रसोई बजट पर असर डाल सकती है, अब वैश्विक तनाव से तेल-गैस की कीमतें प्रभावित हो रही हैं। अप्रैल 2025 में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।
क्यों महंगा हुआ LPG सिलेंडर?
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है। इस आयात का 85 से 90 फीसदी हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होकर गुजरता है। ईरान और इजरायल के बीच युद्ध के की वजह से ईरान ने इस रूट को बंद कर दिया है। अब गैस सप्लाई बाधित हो गई है। तेल के ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च, बढ़ गया है। ईरान का कहना है कि होर्मुज को अमेरिकी गतिविधियों की वजह से बंद किया गया है।
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अब आगे क्या?
भारत में एलपीजी की कीमतें मुख्य रूप से 'सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस' पर निर्भर करती हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उछाल आने की वजह से सऊदी सीपी में भी बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर भारतीय ग्राहकों पर पड़ा है। युद्ध की वजह से सप्लाई रुकने से भारत के पास एलपीजी का बफर स्टॉक कम होने लगा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। जब तक, जंग थमती नहीं है, कीमतें कम होने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं।
